हरियाणा राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट, सतीश नांदल के नामांकन से कांग्रेस की बढ़ी टेंशन; जानें पूरा समीकरण

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट, सतीश नांदल के नामांकन से कांग्रेस की बढ़ी टेंशन; जानें पूरा समीकरण

Satish Nandal Rajya Sabha Nomination: हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। नामांकन की प्रक्रिया में आज बड़ा ट्विस्ट आया जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और हरियाणा उपाध्यक्ष सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इससे मुकाबला तीन उम्मीदवारों में बदल गया है, जबकि संख्या बल के हिसाब से एक सीट भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में मानी जा रही थी।

हरियाणा विधानसभा में कुल 90विधायक हैं, जिसमें भाजपा के पास 48, कांग्रेस के पास 37, INLD के 2और निर्दलीयों के 3विधायक हैं। दो सीटों के लिए 16मार्च को मतदान होगा। भाजपा की ओर से पूर्व सांसद संजय भाटिया ने नामांकन दाखिल किया। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने अनुसूचित जाति चेहरे कर्मवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा। तो वहीं, निर्दलीय के रूप में सतीश नांदल (जाट समुदाय से, रोहतक जिले के किलोई क्षेत्र से) ने आज नामांकन भरा। वे निर्माण व्यवसायी हैं और पहले INLD में रह चुके हैं, बाद में भाजपा में शामिल हुए।

क्या है भाजपा की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने पिछले चुनावों की तरह ही कांग्रेस की सीट पर समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार उतारकर क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ाई है। हरियाणा में पहले भी कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग से भाजपा को फायदा हुआ है। सतीश नांदल का निर्दलीय उतरना इसी रणनीति का हिस्सा लगता है। अब अगर कुछ कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो भाजपा दोनों सीटें जीत सकती है। कांग्रेस में पहले से ही SC उम्मीदवार पर असंतोष की खबरें हैं, जहां OBC मोर्चे ने नाराजगी जताई है।

दूसरी तरफ, कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को दलित चेहरा माना जा रहा है, लेकिन पार्टी में गुटबाजी और भीतरघात की आशंका बनी हुई है। पिछले दो राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का नुकसान झेलना पड़ा था। अब सतीश नांदल के नामांकन से कांग्रेस को अतिरिक्त सतर्क रहना होगा।

Leave a comment