
Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले और इस्तीफे के बाद गुरुवार को जनता दल (United) कार्यालय में तनाव भड़क गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप कार्यालय परिसर में तोड़-फोड़ की, फर्नीचर उखाड़ा और अंदरूनी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कार्यालय में टूटे हुए बर्तनों और गिराए गए फर्नीचर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। ये घटना उस समय हुई जब नीतीश कुमार अपने 10वें मुख्यमंत्री कार्यकाल की शुरुआत के चार महीने बाद राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने वाले थे।
कार्यकर्ताओं ने जमकर की नारेबाजी
कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई कि बिहार में मुख्यमंत्री पद की बागडोर किसके हाथ में जाएगी। नीतीश कुमार ने गुरुवार, 5 मार्च को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इससे राज्य में उनके लंबे शासन का अंत होने का संकेत मिला और संभावना बढ़ गई कि अगले मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा का कोई नेता आ सकता है।
जेडीयू ने दिया सहयोग
नीतीश कुमार ने अपने नामांकन के साथ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ दस्तावेज जमा किए। जेडीयू ने कहा कि राज्यसभा जाने के बावजूद नई सरकार को उनकी पूरी सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मैं इस बार हो रहे राज्यसभा चुनाव में सदस्य बनने की इच्छा रखता हूं। मैं आप सभी को भरोसे के साथ आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी मेरा आपके साथ संबंध बना रहेगा और बिहार के विकास के लिए मेरे काम करने का संकल्प दृढ़ रहेगा। नई सरकार को मेरी पूरी सहायता और मार्गदर्शन मिलेगा।
बिहार की कमान अब किसके हाथ?
हालांकि जेडीयू ने अभी तक अपने नए मुख्यमंत्री का नाम आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा के लिए अवसर मान रहे हैं कि वह बिहार में एनडीए सरकार का नेतृत्व करे। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है और अब नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
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