Delhi Underpass: दिल्ली के मुकरबा चौक पर लंबे समय से बन रहे अंडरपास अब लगभग पूरे हो चुके हैं और कुछ ही दिनों में आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और केवल फिनिशिंग का काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य नॉर्थ दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जाम को कम करना है। इस परियोजना में कुल तीन अंडरपास बनाए गए हैं, जो हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 के पास स्थित हैं। इनमें से दो अंडरपास वाहनों के लिए और एक अंडरपास पैदल यात्रियों और नॉन-मोटराइज्ड वाहनों के लिए बनाया गया है, जिससे सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों में सुधार होगा।
इन जगहों पर होगी कनेक्टिविटी बेहतर
इन अंडरपास के शुरू होने से बदली गांव, रोहिणी सेक्टर 18 और 19, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और शालीमार बाग के बीच की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अभी लोगों को करीब 1.5 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है, जो अब खत्म हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक वाहन अंडरपास लगभग 50 मीटर लंबा, 9.6 मीटर चौड़ा और 6 मीटर ऊंचा है। इन्हें आधुनिक जैक पुशिंग तकनीक और प्री-कास्ट आरसीसी बॉक्स तकनीक की मदद से बनाया गया है, जिससे निर्माण के दौरान ट्रैफिक पर कम असर पड़ा।
सड़कों पर दबाव होगा कम
अनुमान है कि रोजाना करीब 15,800 वाहन इन अंडरपास का इस्तेमाल करेंगे। इससे मुकरबा चौक फ्लाईओवर और आसपास की सड़कों पर दबाव काफी कम हो जाएगा, खासकर पीक आवर्स में। यह परियोजना पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे हर साल लगभग 58,000 लीटर ईंधन की बचत होगी और करीब 135 टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए बने अंडरपास से मेट्रो यात्रियों को शालीमार बाग और आजादपुर मंडी की ओर सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
नई व्यवस्था से यात्रा का समय करीब 10 मिनट तक कम होने की उम्मीद है और लगभग 1 किलोमीटर की दूरी भी बच जाएगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट नॉर्थ दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम को काफी हद तक सुचारू बनाने में मदद करेगा।
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