
उज्जैन: अगर हौसले बुलंद हो तो आसमान भी झुकता है। ये कहावत काफी हद तक सच भी है हम आज आपको एक जिस शख्स की कहानी बताने जा रहे है उसमें अनहोनी को भी होनी में बदल दिया। ऐसा इंसान जो अपनी आंखे नहीं होने के बावजूद न केवल अपने पैरों पर खड़ा है। अपितु दुनिया से कंधे से कंधा मिलाकर चलता है।
हम बात कर रहे है नागदा के विद्या नगर में रहने वाले 30 वर्षीय ऐसे शख्स की जो ग्रामीण बैंक में कार्यरत है और बैंक का वसूली का कार्य भी बखूबी निभाता है। हम बात कर रहे शिवा नंद चौधरी की जो अपने टाइम टेबल पर बैंक में पहुंचते है और ग्राहकों से किस तरह से बाद करनी है उन्हे केसे हैंडल करना है कितने लोगो को से वसूली करना है सब उन्हे पता रहता है उनकी तारीफ तो पूरा स्टाफ भी किया करता है उनके कार्यों से तो पूरा स्टाफ भी काफी खुश है।
वहीं बैंक मैनेजर ने कहा कि शिवा नंद चौधरी हमारे बैंक में अधिकारी पद पर कार्यरत है। पिछले तीन वर्षों से हमारे यहां काम कर रहे है। ये हमारे कार्य पूरी इमानदारी से करते है। शिवा नंद चौधरी लोगों से बड़े ही प्यार से बात करते है। हम भी उनके कार्यों संतुष्ट है।
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