Parliament Monsoon Session:संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ी करवाहट रुके नहीं रुक रही है। सदन के भीतर से बाहर तक हंगामा बरपा हुआ है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थिगित हो रही है। इस बीच बुधवार यानी 5 अगस्त को राज्यसभा जमकर बहस हुई है। राज्यसभा में नेता विपक्ष और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सदन में आकर चर्चा में शामिल होना चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसदों ने अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। इस दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी, धारा 370 और लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सदन में आए, बयान दें और चर्चा हो। अगर चर्चा होगी तो समाधान निकलेगा। अगर चर्चा नहीं होगी तो वह बयान देंगे या चुप रहेंगे। खरगे ने कहा कि संसद का अपमान हो रहा है। मानसून सत्र शुरू हुए इतने दिए हो गए लेकिन, वह सदन में नहीं आ रहे हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं, फिर सरकार क्यों नहीं आ रही है। उन्होंने किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या आप लोग स्वतंत्र फैसला लेने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं।
प्रियंका कि सरकार से क्या मांग
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, उनकी जनता के प्रति जवाबदेही है। यह लोकतंत्र है, तानाशाही और राजदरबार नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर पैलेट गन चली, आंसू गैस छोड़ी गई लाठीचार्ज किया गया, कहीं से आदेश आया होगा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, यही देश की लोकतांत्रिक परंपरा रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'अमित शाह सदन में आइए' के नारे लगाए।
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