Hyderabad Ranji Trophy: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आगामी रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के लिए हैदराबाद की सीनियर पुरुष टीम का कप्तान बनाया गया है। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की सीनियर चयन समिति ने शुक्रवार को हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज चामा मिलिंद को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। चामा मिलिंद उन मुकाबलों में टीम की कप्तानी करेंगे, जिनमें सिराज राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियों के चलते उपलब्ध नहीं होंगे। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने कप्तान और उपकप्तान दोनों पर भरोसा जताते हुए आगामी घरेलू सीजन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
अहम मानी जा रही वापसी
मोहम्मद सिराज हैदराबाद क्रिकेट की देन हैं और भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य रहे हैं। रणजी ट्रॉफी में उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए भी अहम मानी जा रही है। घरेलू क्रिकेट में खेलने से सिराज को लाल गेंद से लगातार अभ्यास करने और टेस्ट क्रिकेट के लिए अपनी तैयारी मजबूत करने का मौका मिलेगा। सिराज हाल ही में दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की ओर से खेलते हुए भी नजर आए थे। अब रणजी ट्रॉफी में वह हैदराबाद की टीम की कमान संभालेंगे। भारतीय तेज गेंदबाज ने हाल में बताया था कि करीब दो महीने के ब्रेक की वजह से उनकी लय प्रभावित हुई थी। ऐसे में रणजी ट्रॉफी उनके लिए अपनी गेंदबाजी की लय और आत्मविश्वास वापस हासिल करने का महत्वपूर्ण मौका होगी।
युवा खिलाड़ियों को भी दे सकते हैं फायदा
रणजी ट्रॉफी भारत की सबसे बड़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है। इसमें लंबे समय तक गेंदबाजी करने और मैच खेलने से तेज गेंदबाजों को टेस्ट क्रिकेट की परिस्थितियों के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। सिराज के लिए भी यह सीजन काफी अहम होगा, क्योंकि भारतीय टीम को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। हैदराबाद की टीम के कप्तान के तौर पर सिराज के सामने सिर्फ गेंद से प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि उन्हें टीम का नेतृत्व भी करना होगा। राष्ट्रीय टीम में खेलने के लंबे अनुभव का फायदा वह युवा खिलाड़ियों को भी दे सकते हैं।
कई भारतीय खिलाड़ियों के लौटने की उम्मीद
2026-27 रणजी सीजन में कई भारतीय खिलाड़ियों के घरेलू क्रिकेट में लौटने की उम्मीद है। ऐसे में मुकाबलों का स्तर भी मजबूत होगा। सिराज के लिए यह सीजन अपनी फिटनेस बनाए रखने, लाल गेंद से लगातार अभ्यास करने और अपनी पुरानी लय हासिल करने का अहम मंच साबित हो सकता है। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के इस फैसले से सिराज को राज्य की टीम के साथ नेतृत्व का अनुभव भी मिलेगा। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि भारतीय तेज गेंदबाज कप्तान के तौर पर हैदराबाद को कितनी मजबूती से आगे ले जाते हैं और गेंद से अपनी लय कितनी जल्दी हासिल करते हैं।
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