मिडिल-ईस्ट तनाव से बढ़ा कच्चे तेल का संकट, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना 2000 करोड़ रुपये का नुकसान

मिडिल-ईस्ट तनाव से बढ़ा कच्चे तेल का संकट, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना 2000 करोड़ रुपये का नुकसान

Middle East Tensions: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में तेल की समस्या और गंभीर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण भारत को हर दिन करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Indian Oil Corporation, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर रोजाना लगभग 2000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।

कंपनियों को हो रहा नुकसान

ब्रोकरेज फर्म Systematix की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा समय में पेट्रोल बेचने पर कंपनियों को लगभग 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 45 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। कुल नुकसान में से करीब 1650 करोड़ रुपये डीजल और लगभग 350 करोड़ रुपये पेट्रोल से जुड़ा है। इसका मतलब है कि डीजल बेचकर कंपनियों को पेट्रोल की तुलना में ज्यादा घाटा हो रहा है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस नुकसान की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का बढ़ना और परिवहन लागत में इजाफा है। मिडिल-ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के कारण तेल टैंकरों के फ्रेट चार्ज और बीमा प्रीमियम काफी बढ़ गए हैं। इसके अलावा रूस से मिलने वाले कच्चे तेल की कीमतों में भी बदलाव आया है। पहले रूस का तेल अंतरराष्ट्रीय कीमत से कम पर आता था, लेकिन अब कई खेप ब्रेंट कीमत से 2 से 8 डॉलर प्रति बैरल महंगी मिल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कंपनियां नुकसान झेलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रख रही हैं। लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो कंपनियों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा या फिर उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल महंगा खरीदना पड़ेगा।

गैस की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ा

सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि गैस की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ गया है। कतर से LNG सप्लाई में कमी और वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने के कारण स्पॉट LNG कीमत एक महीने में 50% तक बढ़ गई हैं, जिससे भारत में गैस की कीमतों और सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। देश की तेल और ऊर्जा कंपनियों के सामने यह चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है और स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

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