Meerut Haridwar Link Expressway: अगर आप मेरठ से हरिद्वार जाते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब मेरठ से हरिद्वार का सफर सिर्फ 90 मिनट में पूरा होगा। जी हां, यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के तहत मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है, जिसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं।इस एक्सप्रेसवे को करीब 10,761 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 146.2 किलोमीटर होगी, जिसमें यूपी में 116.8 किलोमीटर और उत्तराखंड में 29.3 किलोमीटर का हिस्सा होगा। इसे 6 लेन बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2026 में यूपी और उत्तराखंड कैबिनेट से मंजूरी मिल गई थी।
बिजनौर के 109 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह लिंक एक्सप्रेसवे मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और बुलंदशहर होते हुए हरिद्वार में मंगलौर, उत्तराखंड बॉर्डर को जोड़ेगा। इसके लिए बिजनौर के 109 गांवों की जमीन की जरूरत होगी। इसमें सदर तहसील के 62 गांव, चांदपुर के 34 गांव और नजीबाबाद के 13 गांव शामिल हैं।फिलहाल चांदपुर तहसील के 34 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एडीएम ज्युडिशियल और यूपीडा के अधिकारियों ने राजस्व कर्मचारियों को किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जमीन की आधार खतौनी का फसली वर्ष 1359 से मिलान भी करवाया जाएगा।
इन 34 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे - देखें पूरी लिस्ट
चांदपुर तहसील के जिन 34 गांवों से एक्सप्रेसवे गुजरेगा, उनकी लिस्ट ये है-रुस्तमपुर टांडा, ढाकी, शाहपुर मलेशिया, चुखेड़ी, सौरभनगर, राजोपुर बंगर, जौनपुर, ताहरपुर, गुलाम, रुकनपुर, हिलालपुर, फैजीपुर, कस्बा पीपलसाना, चांदपुर, महमूदपुर कस्बा, रवाना दरगा, कराल, खेड़की, सेरी, चमरौला, बाजपुर, अकबरपुर तिगरी, उमरी पीर, फतेहपुर, महमूदपुर, पित्तनहेड़ा, चक उमरी पीर, टूंगरी, हसन, महमूद तुरतीपुर, चकजौंगी, औधाहीमपुर दीपा, सिकरौड़ा।
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किसानों को मिलेगा सीधे अकाउंट में मुआवजा
प्रशासन की कोशिश है कि जमीन खरीद की प्रक्रिया सहमति के आधार पर हो। किसानों को जमीन का उचित मुआवजा दिया जाएगा और ये रकम सीधे उनके बैंक अकाउंट में HDFC बैंक के जरिए ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए गुरुवार को यूपीडा अधिकारी ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक की।