44 साल के बाद फटा विश्व का सबसे बड़ा ज्वालामुखी,जानें इस से जुड़े कुछ रोचक रहस्य

44 साल के बाद फटा विश्व का सबसे बड़ा ज्वालामुखी,जानें इस से जुड़े कुछ रोचक रहस्य

 नई दिल्ली: मौनालाओ विश्व का सबसे बड़ा सक्रिय ज्वालामुखी है जोहाल ही में फूटा है। यह करीब 44 साल के बाद फटा है। ये ज्वालामुखी प्रशांत महासागर के हवाई द्वीप समूह पर स्थित है।बता दें कि 1843 से अब तक ये 33 बार फूट चुका है और वैज्ञानिकों के अध्ययन के लिए प्रमुख सक्रिय ज्वालामुखियों में से भी एक है।

चलिए जानते है दुनिया का सबसे बड़े ज्वालामुखी के बारे में

माउना लोआ ज्वालामुखी 44 साल के बाद हाल ही में फूटा है। यह दुनिया के सबसे बड़ा सक्रिय ज्वालामुखी है। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए बताया है कि ज्वालामुखीके आस-पास इलाकों में आपातकालीन दल को भेजा गया है। अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी लावा ज्यादा नहीं फैला है। ख़बरो की माने तो यह अभी केवल पहाड़ी के शीर्ष तक ही सीमित है, लेकिन जल्दी ही यह आसपास के लोगों को प्रभावित कर सकता है। जिस कारण स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं।

यह प्रस्फुटन पहाड़ के शिखर तक ही सीमित था जिसको कैल्डेरा कहते हैं। यूएसजीएस ने बताया कि अगर लावा और ज्यादा निकलता है तो वह आसपास के स्थानीय क्षेत्र तक बहुत तेजी से पहुँच जाएगा। राहत कि बात है की फिलहाल लावा पहाड़ के शिखर तक ही सीमित है। बता दें कि स्थानीय लोगों को घरों से खाली करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। ताकि हालत बिगड़ने से पहले ही लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया जाए।

मौना लोआ हवाई भाषा का एक  शब्द है जिसका अर्थ होता है लंबा पहाड़। इसकी कुछ दिलचस्प विशेषताओं के साथ बड़ा आकार भी है। यही कारण है कि इसे दुनिया का सबसे बड़ा ज्वालामुखी कहा जाता है। इसका आयतन और क्षेत्रफल दूसरे मौना केआ जैसे ज्वालामुखियों से भी बड़ा है। इसके अलावा इसमें हुए प्रस्फोट की संख्या के कारण भी इसका नाम सबसे बड़ा ज्वालामुखी में है।

क्षेत्रफल ,चौड़ाई और ऊंचाई

बता दे कि, स्थानीय लोगों के लिए ये ज्वालामुखी एक पवित्र स्थल जैसा हैं। इस ज्वालामुखी का प्रभाव क्षेत्र 5721 वर्ग किलोमीटर और चौड़ाई 120 किलोमीटर है। यह ना केवल क्षेत्र में बड़ा है बल्कि ऊंचाई में काफी विशाल है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 4179 मीटर है। इससे निकले हुए लावे से जमीन का आयतन भी बहुत बड़ा माना जाता है।

कुछ रोचक बातें

मौना लोआ उन पाँच ज्वालामुखियों में से एक है जो मिलकर हवाई द्वीप बनाते हैं।यह हवाई द्वीप समूह का सबसे दक्षिणी द्वीप है। यह सबसे ऊँचा नहीं है ,(सबसे ऊँचा मौना की है) लेकिन सबसे बड़ा है और द्वीपीय भूमि का लगभग आधा हिस्से का निर्माण करता है।यह किलाऊआ ज्वालामुखी के ठीक उत्तर में स्थित है, वर्तमान में इसके क्रेटर में विस्फोट हुए है।मौना लोआ में आखिरी बार 44 साल पहले विस्फोट हुआ था। गुंबद के आकार के इस ज्वालामुकी का काल्डेरा की गहराई 183 मीटर है। गठन के बाद से इसमें सबसे अधिक विस्फोट हुए हैं, हलांकि इसके विसफोट प्रभावी नही रहे है।

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