India-South Korea Agreements: पीएम मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच बैठक में कई अहम समझौते हुए हैं। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान भी जारी किया। दोनों देशों बीच व्यापार, संस्कृति और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया का द्वपक्षीय व्यापार 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा
पीएम मोदी ने कहा कि आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकोनॉमी और कानून को लेकर सम्मान दोनों देशों के डीएनए में है। हिंद प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा कॉमन आउटपुट है। इन सबके आधार पर पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक मजबूत हुए हैं। उनकी यात्रा से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि चिप से लेकर चिप्स, टैलेंट से लेकर तकनीक पर्यावरण से लेकर ऊर्जा के नए अवसरों को साकार करेंगे।
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भारत कोरिया के बीच अहम समझौते
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की है। सहयोग को बल देने के लिए हमने एक इंडस्ट्रीयल कॉपरेशन कमेटी का गठन किया है। साथ ही क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि एसएमई की भारत की एंट्री सहज करने के लिए कोरियन इडस्ट्रियल टाउनशिप भी स्थापित करने की योजना है। एआई, सेमीकंडक्टर और आईटी में साझेदारी और गहरा करने के लिए इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहे हैं।