Makar Sankranti 2023: कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानें क्या है तिल-गुड़ के लड्डुओं का महत्त्व

Makar Sankranti 2023: कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानें क्या है तिल-गुड़ के लड्डुओं का महत्त्व

Makar Sankranti 2023: लोहड़ी के एक दिन बाद ही मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में इस त्यौहार का बहुत महत्त्व है। मकर संक्रांति का त्यौहार सूर्य देवता को समर्पित और मकर राशि में सूर्य के पारगमन को चिन्हित करता है। लेकिन इस साल इस त्यौहार की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन है। तो चलिए जानते हैं कब मनाया जाएगा मकर संक्रांति का त्यौहार?
 
कब है मकर संक्रांति का त्यौहार?
 
दरअसल, प्रत्येक वर्ष लोहड़ी का त्यौहार 13 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन, इस बार ये त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। क्योंकि पंचांग के अनुसार जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति मनाई जाती है। इस बार सूर्य 14 की रात को  8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस वजह से संक्रांति 15 को मनाई जाएगी।
 
क्यों मनाया जाता है ये त्यौहार?
 
हिन्दू समुदाय में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इस अवधि को बेहद पावन माना जाता है।  मकर संक्रांति का त्यौहार सूर्य देवता को समर्पित और मकर राशि में सूर्य के पारगमन को चिन्हित करता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस त्यौहार को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। तमिलनाडु में पोंगल, उत्तर प्रदेश में खिचड़ी भोज, गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण और हरियाणा-पंजाब में माघी के रूप में संक्रांति का त्यौहार मनाते हैं। 
 
क्या है तिल-गुड़ के लड्डुओं का महत्त्व? 
 
मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव के साथ ही श्रीहरि विष्णु और शनिदेव की पूजा भी होती है। काले तिल और गुड़ के लड्डू बनाकर खाने से घर में सुख समृद्धि आती है। काले तिल और गुड़ का दान करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा प्राप्त होती है। संक्रांति के दिन काले तिल के लड्डू, नमक, गुड़, काले तिल, फल, खिचड़ी और हरी सब्जी का दान अतिशुभ माना गया है। इस दिन तिल गुड़ या रेवड़ी का दान किया जाता है।

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