LPG Cylinder Connection: केंद्र सरकार ने पाइपलाइन से गैस यानी PNG का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी किए हैं। जिन इलाकों में PNG की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां रहने वाले परिवारों को LPG सिलेंडर की जगह PNG कनेक्शन लेने के लिए कहा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद तय समय में PNG कनेक्शन नहीं लेने पर मौजूदा LPG कनेक्शन रद्द किया जा सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों से उन इलाकों और हाउसिंग सोसायटियों की पहचान करने को कहा है, जहां PNG की सुविधा पहले से उपलब्ध है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले LPG ग्राहकों को PNG कनेक्शन लेने के लिए नोटिस दिया जाएगा। नोटिस में कनेक्शन लेने की प्रक्रिया और इसके लिए तय समयसीमा की जानकारी दी जाएगी।
समय पर PNG नहीं लिया तो LPG बंद हो सकता है
नए निर्देशों के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद अगर कोई ग्राहक तय समय के भीतर PNG कनेक्शन नहीं लेता है, तो उसका LPG कनेक्शन रद्द किया जा सकता है। यानी जिन घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंच चुकी है, वहां भविष्य में LPG सिलेंडर की सुविधा जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
LPG और PNG दोनों रखने की अनुमति नहीं
सरकार का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों की संख्या कम करना है, जो एक ही समय में LPG और PNG दोनों कनेक्शन रखते हैं। जानकारी के मुताबिक, जो परिवार PNG पर शिफ्ट होंगे, उन्हें अपना मौजूदा LPG सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इससे गैस वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
नए नियमों के तहत लिया गया फैसला
यह कदम LPG Control Order 2026 और Natural Gas Distribution Order 2026 से जुड़ा हुआ है। सरकार का मानना है कि जहां पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस पहुंचाई जा सकती है, वहां LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम की जानी चाहिए। PNG की सप्लाई पाइपलाइन के जरिए लगातार की जा सकती है, जिससे सिलेंडर की डिलीवरी की जरूरत कम हो जाती है।
अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर
यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी चिंताओं ने ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इससे तेल और गैस की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ा है। भारत अलग-अलग देशों से ऊर्जा की जरूरत पूरी कर रहा है, लेकिन बढ़ती लागत ने सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है।
जिले स्तर पर बनेगी PNG कमेटी
सरकार PNG कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिला स्तर पर भी व्यवस्था बनाने की योजना पर काम कर रही है। तेल वितरण कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को अपने क्षेत्रों में PNG समन्वय समितियां बनाने को कहा गया है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बात
राज्यों से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी स्तर का अधिकारी PNG में बदलाव की प्रक्रिया की निगरानी करेगा। जिन परिवारों के इलाके में PNG पहुंच चुकी है, उन्हें मिलने वाले किसी भी सरकारी नोटिस को ध्यान से पढ़ना चाहिए और उसमें दी गई समयसीमा व जरूरी शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए। सरकार का लक्ष्य PNG का इस्तेमाल बढ़ाकर LPG पर दबाव कम करना और देश में गैस वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, डिजिटल और व्यवस्थित बनाना है।
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