Kota Mayor Election: कोटा महापौर चुनाव 2026 में भाजपा की अनुसूया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को हराकर नई महापौर का पद हासिल कर लिया है। यह परिणाम 25 सितंबर को कोटा नगर निगम के 100 सदस्यों द्वारा आयोजित मतदान के बाद सामने आया। चुनाव रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूया गोस्वामी विजेता हैं और उन्हें 65 वोट मिले हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के कई पार्षदों और कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने अपनी पार्टी को छोड़कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इस वजह से बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा वोट मिले।
बीजेपी को थी उम्मीद
कोटा, जयपुर और जोधपुर के साथ राजस्थान की तीन प्रमुख नगरपालिकाओं में से एक थी, जहां 25 सितंबर को महापौर चुनाव होने थे। महापौर चुनाव वार्ड चुनाव और कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव के बाद संपन्न हुए। मतदान के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी। भाजपा की महापौर पद की उम्मीदवार अनुसूया गोस्वामी ने मतदान से पहले मीडिया से बात करते हुए कोटा नगर निगम चुनाव में जीत का बड़ा दावा किया है। अनुसूया गोस्वामी ने कहा कि माहौल बहुत अच्छा है। हमारे पार्षद भाई आ रहे हैं। सभी पार्षद जल्द ही पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा की हमें उम्मीद है कि 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हमारे पक्ष में होगा।
क्रॉस वोटिंग की संभावना
4 निर्दलीयों में से दो पहले ही अनुसुइया गोस्वामी के सपोर्ट में आ गए थे। इसके बावजूद गोस्वामी को 65 वोट मिले। यानी की बीजेपी के 57 पार्षद और दो समर्थक निर्दलीयों को मिलाकर बने 59 के आंकड़े से 6 वोट ज्यादा बीजेपी प्रत्याशी को मिले । दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी को 35 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के 39 पार्षद थे। यानी कांग्रेस के घोषित संख्याबल से 4 वोट कम मिले। गुप्त मतदान में किस पार्षद ने किसे वोट दिया, यह सामने नहीं आ सकता, लेकिन नतीजों का गणित साफ तौर पर क्रॉस वोटिंग की संभावना है।
क्या कांग्रेस लेगी एक्शन?
इसके साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि कोटा नगर निगम के इस मेयर चुनाव ने यह भी दिखा दिया कि आंकड़ों में मजबूत दिखने वाली पार्टी के भीतर भी फूट पड़ सकती है और अंदरखाने की सियासत चुनाव नतीजों को पूरी तरह बदलने की संभावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपने पार्षदों के खिलाफ क्या एक्शन लेने वाली है।
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