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रोहिंग्या कैंप में बड़ा हादसा, लैंडस्लाइड से 8 बच्चों की मौत; कई घायल

रोहिंग्या कैंप में बड़ा हादसा, लैंडस्लाइड से 8 बच्चों की मौत; कई घायल

Rohingya Camp Landslide: बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित दुनिया के सबसे बड़े रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा हो गया। बुधवार को लगातार बारिश के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा खिसक गया, जिससे पहाड़ी ढलान पर बना एक मदरसा मलबे में दब गया। इस दर्दनाक हादसे में 8 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 5 बच्चे घायल हो गए। घायलों का इलाज कैंप के अस्पताल में चल रहा है।

13 बच्चों को बाहर निकाला गया

हादसे के बाद बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। मलबे से कुल 13 बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन इनमें से 8 बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते अचानक लैंडस्लाइड हुआ।

8 लोगों की मौत

यह पहली बार नहीं है जब रोहिंग्या कैंप में ऐसा हादसा हुआ हो। कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में भारी बारिश के कारण अलग-अलग जगहों पर हुए लैंडस्लाइड में 8 लोगों की मौत हो चुकी थी। लगातार हो रही बारिश से पूरे इलाके में खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

12 लाख से ज्यादा रोहिंग्या रहते हैं

कॉक्स बाजार में दुनिया का सबसे बड़ा रोहिंग्या शरणार्थी शिविर है, जहां करीब 12 लाख से ज्यादा रोहिंग्या रहते हैं। इनमें से अधिकांश लोग साल 2017 में म्यांमार में सैन्य कार्रवाई के बाद बांग्लादेश पहुंचे थे। बड़ी संख्या में परिवार पहाड़ी ढलानों पर बने अस्थायी घरों में रहते हैं, जिससे हर मानसून में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है। कैंप के ज्यादातर घर बांस और तिरपाल से बने हुए हैं। लगातार बारिश के दौरान मिट्टी में पानी भर जाता है और जमीन कमजोर हो जाती है। ऐसे में पहाड़ी का हिस्सा खिसकने लगता है, जिससे घर, स्कूल और अन्य इमारतें मलबे में दब जाती हैं।

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके चलते लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया है और कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे इलाकों में रह रहे हैं जहां खतरा बना हुआ है।

मानसून कितना खतरनाक

यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि लगातार बारिश और कमजोर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मानसून कितना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और लगातार निगरानी रखना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को कम किया जा सके।

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