Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर इस तरह महादेव को करें प्रसन्न, मिलेंगे ढेरों लाभ

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर इस तरह महादेव को करें प्रसन्न, मिलेंगे ढेरों लाभ

नई दिल्ली: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यताओं के मुताबिक इस शुभ दिन भगवान शिव और माता पार्वती विवाह के बंधन में बंधे थे।इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना और उपासना करने से सभी संकट दूर हो जाते हैं और भक्तों को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। बता दें कि इस साल महाशिवरात्रि 18फरवरी के दिन मनाई जाएगी।

शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान सदाशिव सबसे पहले शिवलिंग स्वरुप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इस दिन ही भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग प्रकाट्य हुआ था. उस दिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि थी। इस वजह से हर साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शिव और शक्ति का महामिलन महाशिवरात्रि को हुआ था। भगवान शिव और शक्ति एक दूसरे से विवाह बंधन में बंधे थे। वैरागी शिव वैराग्य छोड़कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश किए थे। इस वजह से कई स्थानों पर महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात निकाली जाती है। इस दिन शिवभक्त शिव पार्वती का विवाह भी संपन्न कराते है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव और माता पार्वती का विवाह कराने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन खुशहाल होता है।

शिव पंचाक्षर स्तोत्रम् (Shiv Panchakshar Stotram Lyrics)

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम:शिवाय।।

मंदाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथ महेश्वराय।

मण्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम:शिवाय।।

शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।

श्रीनीलकण्ठाय बृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम:शिवाय।।

वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।

चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै वकाराय नम:शिवाय।।

यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय।

दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै यकाराय नम:शिवाय।।

पञ्चाक्षरिमदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ।

शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते।।

Leave a comment