दो बहनों के साथ धूमधाम से रचाई शादी...फिर पुलिस चौकी पहुंचा शख्स...जानें क्या हैं पूरा मामला

दो बहनों के साथ धूमधाम से रचाई शादी...फिर पुलिस चौकी पहुंचा शख्स...जानें क्या हैं पूरा मामला

सोलापुर:शादी एक पवित्र बंधन हैं जिसमें दो लोग नहीं बल्कि दो परिवार होते हैं। शादी को लेकर भारत में अलग-अलग रीति-रिवाज हैं, लेकिन भारत के हिंदू धर्म में एक कानून हैं कि लड़का एक ही लड़की के साथ शादी कर सकता हैं अगर लड़के को दूसरी शादी करनी हैं तो पहली पत्नी को तलाश देने पड़ता हैं। ऐसे में एक मामले काफी चर्चा में बना हुआ हैं और उसकी वीडियों भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

मामला महाराष्ट्र के सोलापुर का हैं जहां एक शख्स ने दो लड़कियों के साथ शादी कर ली। इस शादी में खास बात यह हैं कि लड़के ने जिन दो लड़कियों के साथ शादी रचाई हैं दोनों एक ही परिवार की लड़की हैं और वो भी सगी बहनें। शादी तो अच्छी से हो गई दोनों परिवार वालों ने बड़े ही धूमधाम से शादी की। जिसकी फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। ऐसे में शख्स की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें ति पुलिस ने शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।ये केस आईपीसी की धारा 494 के तहत दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि जुड़वा बहनें पिंकी और रिंकी, दोनों आईटी इंजीनियर हैं और मुंबई में रहती हैं। कुछ समय पहले ही इनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद दोनों अपनी मां के साथ ही रह रही थीं। पिंकी और रिंकी ने अतुल नाम के युवक से शादी की है। जिस धारा के आधार पर केस दर्ज हुआ हैं उसके मुताबिक, अगर पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करते हैं तो ऐसी स्थिति में ये शादी अमान्य है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

भारत में क्या है कानून?

दरअसल हमारे देश में शादियों और तलाक से जुड़े मामले अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग कानून है। हिंदुओं की शादी के लिए हिंदू मैरिज एक्ट। मुस्लिमों की शादी के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ. हिंदुओं के अलावा हिंदू मैरिज एक्ट ही सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों पर भी लागू होता है। इसके अलावा एक स्पेशल मैरिज एक्ट भी है, जो 1954 में लागू हुआ थ। ये कानून दो अलग-अलग धर्मों के वयस्कों को शादी करने का अधिकार देता है। स्पेशल मैरिज एक्ट सभी पर लागू होता है। इसके तहत शादी रजिस्टर्ड कराने के लिए धर्म बदलने की जरूरत नहीं होती।

  • आइए जाने हैं क्या कहते हैं कानून
  • 1955 के हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 5 में उन शर्तों को बताया गया है जिसमें शादी को वैलिड मानी जाएगी।
  • पहली शर्त तो यही है कि शादी के समय दूल्हा और दुल्हन की पति या पत्नी जीवित नहीं होनी चाहिए।
  • लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
  •  हिंदू मैरिज एक्ट के तहत, शादी के लिए दूल्हा और दुल्हन, दोनों की सहमति जरूरी है. 
  • हिंदू धर्म में पहले पति या पत्नी की जीवित रहते दूसरे शादी नहीं कर सकते।
  • दूसरी शादी तभी होगी जब पहले पति या पत्नी की मौत हो चुकी हो।
  •  हिंदुओं की तरह ही ईसाई धर्म में भी दूसरी शादी की मनाही है।
  •  ईसाई दूसरी शादी तभी कर सकते हैं, जब पति या पत्नी की मौत हो चुकी हो।
  •  मुस्लिमों को चार शादी करने की इजाजत है।

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