
STF Investigation In MahaKhumbh Stampede Case: महाकुंभ भगदड़ हादसे की जांच एसटीएफ ने तेज कर दी है। यूपी एसटीएफ की टीमें साजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। एसटीएफ ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या साजिश के तहत महाकुंभ में भगदड़ मचाई गई? अपनी जांच में एसटीएफ संगम नोज के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डेटा खंगाल रही है।
सूत्रों की माने तो 16 हजार से अधिक मोबाइल नंबरो के डेटा को इकट्ठा किया गया है। अब तक जांच में कई मोबाइल नंबर घटना के बाद से बंद आ रहे हैं। महाकुंभ मेला एरिया में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम के सीसीटीवी से संदिग्धों को फेस रिकग्निशन ऐप के जरिए चिन्हित किया जा रहा है। वसंत पंचमी के स्नान को लेकर यूपी हाई अलर्ट पर हैं। 2 फरवरी को यूपी पुलिस के बड़े अफसर महाकुंभ में सक्रिय रहेंगे।
पांच फरवरी को तीसरा अमृत स्नान
वसंत पंचमी के मौके पर महाकुंभ में होने वाला तीसरा अमृत स्नान सोमवार सुबह 5 बजे से शुरू होगा। सबसे पहले सुबह 4 बजे पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान के लिए संगम घाट पर पहुंचेगा। इसके बाद एक-एक करके अन्य 12 अखाड़े के साधु-संत भी संगम में डुबकी लगाएंगे। बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन 29 और 30 जनवरी की रात 2 बजे के करीब प्रयागराज में महाकुंभ में भगदड़ मची थी। घटना के 16 घंटे बाद महाकुंभ प्रशासन ने 30 श्रद्धालुओं की मौत और 60 लोगों के घायल होने की पुष्टी की गई थी।
पीएम मोदी जाएंगे महाकुंभ
आपको बता दें कि, पीएम मोदी पांच फरवरी को प्रयागराज जाएंगे। इसको लेकर सुरक्षा के पुख्ता-इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, महाकुंभ प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पुलिस-प्रशासन के वाहन, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, 'प्रयागराज जाने की योजना बना रहे वीआईपी और वीवीआईपी प्रतिनिधिमंडलों को स्पेशल ट्रीटमेंट या प्रोटोकॉल नहीं दिए जाएंगे। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी वीआईपी या वीवीआईपी मूवमेंट के बारे में कम से कम एक सप्ताह पहले सूचित किया जाना चाहिए।
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