Mahakhumbh 2025: महाकुंभ में भगदड़ के बाद कई नियमों में बदलाव, श्रद्धालुओं के लिए की गई खास व्यवस्था

Mahakhumbh 2025: महाकुंभ में भगदड़ के बाद कई नियमों में बदलाव,  श्रद्धालुओं के लिए की गई खास व्यवस्था

New Rules For Devotees In Mahakumbh: उत्तर प्रदेश महाकुंभ में संगम तट पर मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। इस घटना ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ऐसी घटना दोबारा ना हो, इसके लिए महाकुंभ प्रशासन ने कई नियमों में बदलाव किए हैं। जिससे की श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो।

बता दें कि प्रशासन की ओर से बताया गया है कि किसी भी तरह के वाहन को मेला क्षेत्र में एंट्री नहीं दी जाएगी। इससे पहले बुधवार को सीएम योगी ने स्थानीय प्रशासन और महाकुंभ की व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे अधिकारी के साथ बैठक की थी। जिसमें अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए थे।

पांच नियमों में किए गए बदलाव   

मेला क्षेत्र पूरी तरह से नो -व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। जिसके बाद प्रयागराज महाकुंभ में सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

इसके अलावा वीवीआईपी पास की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।

महाकुंभ मेला में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए एक तरफ मार्ग व्यवस्था लागू की गई है। यानी रास्ते वन-वे रहेंगे।

इसके अलावा, गाड़ियों को एक अंतराल के बाद ही आगे जाने दी जाएगी।

ये सभी नियम चार फरवरी तक लागू रहेंगे।

प्रशासन का आया बयान 

नियमों में हुए बदलाव के बाद प्रयागराज प्रशासन का बड़ा बयान सामने आया है। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कुंभ क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही व्यवस्थाओं को बनाए रखने में सहयोग करें।

महाकुंभ में मची थी भगदड़

आपको बता दें कि महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए 29 जनवरी की रात भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे थे। इसी दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा गिर गया और भगदड़ मच गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और लोग के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान श्रद्धालु  इधर-उधर भागने लगे और हंगामा होने लगा। 29 जनवरी की देर शाम प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि घटना में 30 लोगों की जान गई है।   

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