Bengal Election: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में 206 सीटों पर जीत हासिल की है। जो बहुमत के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। इनमें से एक सीट ऐसी भी है, जिसने घरों में सफाई करने वालीं 37 साल की कलिता माझी को विधानसभा तक पहुंचा दिया है।
खास बात ये है कि भाजपा ने टिकट मिलने के बाद वह लगातार अपने काम में जुटी थीं। हालांकि, इससे पहले वह 2021 विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं। कलिता माझी ने बंगाल की औसग्राम सीट से चुनाव लड़ा था। यहां उन्होंने टीएमसी के श्याम प्रसन्न लोहार को 12 हजार से अधिक वोटों से हराया।
2500 रुपए कमाती हैं कलिता माझी
गुसकारा क्षेत्र की रहने वालीं कलिता चुनाव में उतरने से पहले 4 घरों में घरेलू काम करती थीं। उनकी आय 2500 रुपए प्रतिमाह थी। कहा जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर उनका जुड़ाव बड़ी वजह रही कि भाजपा ने उन्हें 2021 की हार के बाद फिर से टिकट दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में वह टीएमसी उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव हार गई थीं। बता दें कि कलिता माझी पात्रा परिवार के घर पर काम करती हैं। पात्रा परिवार का कहना है कि वह उनके साथ 20 सालों से ज्यादा समय से जुड़ी हुई हैं।
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मालिकों ने भरोसा दिया- कलिता माझी
इससे पहले कलिता माझी ने कहा कि जब मेरे नाम की घोषणा हुई, तब मैं दो घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थीं। माझी ने कहा था कि मैं सुबह 5 बजे उठती हूं और तुरंत काम शुरू कर देती हूं। मेरी सास घर के खाना बनाने में मदद करती हैं ताकी मैं अपनी नौकरी संभाल सकूं। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे पार्थ ने मेरे अभियान में काफी मदद की। मैं अपने चुनाव एजेंट चंद्रनाथ बद्दोपाध्याय पर भी काफी निर्भर थी। मेरे मालिकों ने मुझे भरोसा दिलाया है कि इस महीने काम न करने बावजूद वे मुझे मेरा वेतन देंगे।