
नई दिल्ली: नवंबर का महीना आ गया है, यानी सर्दियां का सीजन शुरु हो गया है। सुबह-शाम की ठंड और कोहरा दिखने लगा है। ऐसे मे मौसम सुहाना हो गया है। जिसके चलते मन करता है कि बस हम कहीं घूमने चले जाए। किसी डेस्टिनेशन टूर पर जाए ताकी मौसम का पूरा मजा ले सके। ऐसे में ऋषिकेश दिल्ली के सबसे नजदीक और ठंड में अच्छे मौसम के लिए जाना जाता है।
अब ऋषिकेश की सुंदरता ओर दोगुनी होने वाली है, बता दें, इस नगरी में कांच का पुल यानी की ग्लास का ब्रिज बनने जा रहा है। गंगा के दोनों किनारे जोड़ने वाला ये पुल कांच से बना होगा। ये देश का पहला कांच का पुल होगा, जो आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। पुल को बनाने का कार्य प्रगति पर है। ऋषिकेश का ग्लास ब्रिज बनाने वाले लोक निर्माण विभाग के मुताबिक जुलाई 2023 तक नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद यात्री पुल पर से यात्रा कर सकेंगे।
लक्ष्मण झूले का नया वर्जन होगा तैयार
ऋषिकेश की यात्रा राम और लक्ष्मण झूले के मानों अधुरी है। ऐसे में गंगा को उच्चाई से देखने का नजारा राम और लक्ष्मण झूले से ओर बढ़ जाएगी। बता दें, कुछ समय से लक्ष्मण झूला बंद है, जिसकी वजह से केवल राम झूले पर से ही पर्यटक आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन अब लक्ष्मण झूले की जगह नया कांच का पुल बनने जा रहा है।
कांच के पुल का ये होगा नाम
ऋषिकेश में गंगा नदी के ऊपर बना ये ग्लास के पुल का नाम होगा बजरंग सेतु ब्रिज। राम और लक्ष्मण के नामों के बाद हनुमान जी के नाम पर इस तीसरे पुल का नाम रखा जाएगा।
पुल की होगी तीन लेन
ये ब्रिज को तीन लेन में बनाया जाएगा। ग्लास ब्रिज पैदल पथ के लिए अलग तैयार किया जा रहा है। साथ में इसके बीच से सामान्य पुल होगा जिसपर से छोटे वाहन गुजर सकेंगे, जबकि आस-पास चलने के लिए कांच का पुल होगा। ये ठीक उसी तरह से होगा जैसे रोड पर चलने के लिए फुटपाथ होता है।
इतना मजबूत होगा ब्रिज
कांच का पुल बहुत मजबूताई से बनाया जा रहा है। इस ब्रिज को बनाने के लिए 65 मिमी कांच का इस्तेमाल किया जाएगा। पुल गंगा नदी से लगभग 57 मीटर की ऊंचाई पर होगा। ग्लास ब्रिज तकरीबन 133 मीटर लंबा होगा। ये पुल कुल 8 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें पैदल पथ का ग्लास ब्रिज और वाहनों के लिए बनने वाला पुल दोनों शामिल हैं।
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