कब कट सकता है आपका चालान, जानें चालान को लेकर क्या है कानूनी अधिकार

कब कट सकता है आपका चालान, जानें चालान को लेकर क्या है कानूनी अधिकार

नई दिल्ली: वैसे तो देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए देश में पुलिस फोर्स लगाई गई है। अगर किसी के साथ कुछ गलत हो रहा हो तो पुलिस को देखकर ही सूकून की सांस आ जाती है। बदन पर खाकी वालों को देखकर लगता है कि अब हम सुरक्षित हैं, लेकिन कई मामलों में उसी खाकी की मनमानी भी सामने आते जब रक्षक ही भक्षक बनकर अपने ओहदे का फायदा उठाते हैं। सबसे पहले बात चालान को ही लेकर कर लेते हैं। वैसे तो हमारी ही सुरक्षा के लिए ट्रेफिक पुलिस तैनात की गई है ताकी नियमों का सही तरह से पालन हो, लेकिन कई बार ऐसे मामले सुनने और देखने को मिलते हैं कि पुलिस मनमाने तरीके से चालान करती है जो की एक दम गलत हैं।

चालान को लेकर कानूनी अधिकार

कब कट सकता है चालान और कब नहीं?

आपका चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास उनकी चालान बुक या फिर ई-चालान मशीन होना जरूरी है. अगर इन दोनों में से कुछ भी उनके पास नहीं है तो आपका चालान नहीं काटा जा सकता है

पुलिस नहीं कर सकती गलत व्यवहार

ट्रैफिक नियमों को फॉलो करना जरूरी है लेकिन आपको नियमों का हवाला देकर ट्रैफिक पुलिस किसी को परेशान नहीं कर सकती। ट्रैफिक पुलिस के जवान आपसे गलत व्यवहार नहीं कर सकते, हर ट्रैफिक जवान को यूनिफॉर्म में रहना जरूरी है। यूनिफॉर्म पर बकल नंबर और उसका नाम होना चाहिए। अगर ये दोनों ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं हैं तो आप उससे पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं। अगर ट्रैफिक पुलिस अपना पहचान पत्र दिखाने से मना करती है तो आप अपनी गाड़ी के दस्तावेज देने से मना कर सकते हैं।

    हेड कॉन्स्टेबल नहीं काट सकता चालान

ट्रैफिक पुलिक का हेड कॉन्स्टेबल आप पर सिर्फ 100 रुपये का ही फाइन कर सकता है। इससे ज्यादा का फाइन सिर्फ ट्रैफिक ऑफिसर यानी ASI या SI कर सकता है। अगर आपका चालान कटा है और आपके पास फाइन देने के लिए पैसे नहीं है तो आप फाइन बाद में भी दे सकते हैं। इस सूरत में आपको कोर्ट चालान जारी किया जाएगा। एक तारीख दी जाएगी फिर आपको कोर्ट में जाकर चालान देना होगा। इस स्थिति में ट्रैफिक अफसर आपका ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास रख सकता है।

यही नहीं सेंट्रल मोटर व्हीकल कानून के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालक को दस्तावेज को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। मोटर व्हीकल कानून 2019 की धारा 158 के तहत एक्सीडेंट होने या किसी विशेष मामलों में इन दस्तावेजों को दिखाने का समय 7 दिन का होता है  हालांकि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के मुताबिक अगर आप ट्रैफिक पुलिस को मांगने पर फौरन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट नहीं दिखाते, तो यह जुर्म नहीं है। इसके बाद भी अगर पुलिस दस्तावेज तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काट देती है, तो आपके पास कोर्ट में इसे खारिज कराने का विकल्प रहता है।

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