Success Story: अगर खेती में नई तकनीक अपनाई जाए और फसल का सही चुनाव किया जाए, तो कम जमीन से भी अच्छी कमाई की जा सकती है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की रहने वाली प्रगतिशील महिला किसान कंचन वर्मा ने यह बात सच साबित कर दिखाई है। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर हल्दी की खेती शुरू की और एक ही सीजन में करीब 12 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंचन वर्मा नर्मदापुरम जिले के सोमालीवाड़ा खुर्द गांव की रहने वाली हैं। उनके क्षेत्र में ज्यादातर किसान गेहूं की खेती करते हैं। कंचन को पारंपरिक खेती से कोई नुकसान नहीं हो रहा था, लेकिन वह कुछ अलग और ज्यादा मुनाफे वाली खेती करना चाहती थीं। इसी सोच के साथ उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से 7 दिन की ट्रेनिंग ली और साल 2020 में छोटे स्तर पर हल्दी की खेती शुरू की।
शुरुआत में किया था प्रयोग
शुरुआत में यह सिर्फ एक प्रयोग था, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई। धीरे-धीरे उन्होंने हल्दी की खेती का दायरा बढ़ाया। साल 2023 में उन्होंने करीब 400 क्विंटल हल्दी का उत्पादन किया, जिससे उन्हें लगभग 12 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। पहले जहां पारंपरिक फसलों से उन्हें प्रति एकड़ करीब 1.5 लाख रुपये की कमाई होती थी, वहीं हल्दी की खेती से उनकी आय बढ़कर करीब 3 लाख रुपये प्रति एकड़ पहुंच गई। कंचन वर्मा का कहना है कि हल्दी की खेती के लिए जून और जुलाई सबसे अच्छे महीने माने जाते हैं। मानसून के दौरान बारिश होने से सिंचाई पर कम खर्च आता है। साथ ही मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे हल्दी की गांठें अच्छी तरह विकसित होती हैं और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।
सफलता का सबसे बड़ा कारण
उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण सिर्फ खेती नहीं, बल्कि वैल्यू एडिशन भी है। कंचन खेत से निकली कच्ची हल्दी को सीधे बाजार में नहीं बेचतीं। वह पहले हल्दी की गांठों को उबालती हैं, फिर धूप में अच्छी तरह सुखाकर उसका पाउडर तैयार करती हैं। इसके बाद वह इसे 1-1 किलो के पैकेट में पैक करके करीब 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचती हैं। कंचन बताती हैं कि उनके हल्दी पाउडर की स्थानीय बाजार में इतनी मांग है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए मंडी तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। ग्राहक खुद उनके पास पहुंच जाते हैं।
कैसे उगा सकते है घर पर हल्दी?
इसके साथ ही कंचन घरों में बागवानी करने वाले लोगों को भी हल्दी उगाने के आसान तरीके बताती हैं। उनका कहना है कि थोड़ी सी जगह, सही देखभाल और सही समय पर बुवाई करके कोई भी व्यक्ति अपने घर की छत या बालकनी में भी हल्दी उगा सकता है। उनकी सफलता आज कई किसानों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
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