दुनिया की ऐसी झील जिसके पानी से जिंदा जानवर बन जाते हैं पत्थर! वैज्ञानिकों ने बताई असली वजह

दुनिया की ऐसी झील जिसके पानी से जिंदा जानवर बन जाते हैं पत्थर! वैज्ञानिकों ने बताई असली वजह

Medusa Lake Lake: क्या आपने कभी जिंदा जानवर या फिर इंसान को पत्थर बनते देखा या सुना है, अब आपका जवाब होगा, हां फिल्मों में। अगर हम आपको कहें कि ये केवल फिल्मों में ही नहीं रियल लाइफ में भी होता है तो इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होगा, क्योंकि फिल्मों में कुछ बातें सच होती है तो कुछ को मनोरंजन के लिए दिखाया जाता है। लेकिन ये सच है दुनिया में एक ऐसी झील है जिसके अंदर जाने से इंसान पत्थर बन जाते है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है चलते बताते है।

बेहद खतरनाक है ये झील

दरअसल इस खतरनाक झील को मेडुसा लेक या जॉम्बी लेक के नाम से जाना जाता है। जो अफ्रीका महाद्वीप के तंजानिया देश में है। वहां के लोग इस झील को नैट्रॉन झील कहते हैं। यह रहस्यमयी झील अरूषा क्षेत्र के न्गोरोन्गोरो जिले में स्थित है। इसका नाम ग्रीक माइथॉलजी में एक फीमेल कैरेक्टर 'मेडुसा' से प्रेरित होकर रखा गया है, जो दिखने में बेहद डरावनी है। वहीं इस झील को लेकर कई कहानियां है। एक कहानी के मुताबिक, वह जिसे भी एक बार देखती है वह पत्थर का बन जाता है।

पास से देखने से झील दिखती है लाल

इस रहस्यमयी झील के बारे में कहा जाता है कि जैसे ही आप इस झील के नजदीक जाएंगे आपको लाल रंग का एक विशाल झील दिखेगा, जहां पर कई पशु पक्षियों की मूर्तियां नजर आएंगी। असल में यह उन पशु पक्षियों की लाश है जो मूर्ति की तरह बन गए हैं। यह दृश्य देखने में बेहद डरावना लगता है। हैरानी की बात यह है कि वहां के स्थानीय लोग उस इलाके में जाने से डरते हैं। लोगों का मानना है कि यह झील शापित है।

इस पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक

वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि झील में मौजूद पानी की वजह से जानवर पत्थर बन जाते है। दरअसल, इस झील में सामान्य पानी के मुकाबले कहीं अधिक मात्रा में एल्कलाइन मौजूद है। इसकी वजह से इस पानी का पीएच लेवल 10.5तक है। दोइन्यो लेंगाई ज्वालामुखी को इस बढ़े हुए एल्कलाइन की मात्रा की वजह माना जाता है। इस ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा इस झील के पानी में मिलता है और पानी को एल्कलाइड बना देता है, जो बेहद खतरनाक होता है।

इस वजह से बन जाती है मूर्ति!

दोइन्यो लेंगाई दुनिया का इकलौता ऐसा ज्वालामुखी है जिसके लावा से नैट्रोकार्बोनाइट्स निकलता है। इतना ही नहीं इस झील के पानी में ऐसे कई केमिकल पाए जाते हैं, जिनकी वजह से यहां मरने वाले पशु पक्षियों की लाशों के सड़ने की प्रक्रिया धीमा हो जाती है। यही कारण है कि यहां पशु पक्षियों की लाशें बिल्कुल मूर्तियों जैसी दिखने लगती हैं।

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