
नई दिल्ली: अकसर आपने सुना होगा राजनीति में कम पढ़े लिखे लोग ज्यादा हैं, पर ये बात पूरे तरीके से सच नहीं है। आज हम आपकों एक ऐसे नेता के बारे में बताने जा रहे है। जिन्होंने पढ़ाई-लिखाई में देश ही नहीं बल्की दुनिया में भी अपना नाम रोशन किया है। इस नेता के पास एक नहीं जबकी 20 डिग्रियां है। अब आप पूछेंगे की ये नेता कौन है तो दरअसल आज आपकों डॉ. श्रीकांत जिचकार के बारे में बताने जा रहे है।
डॉ. श्रीकांत जिचकर भारत के ‘सबसे योग्य व्यक्ति’ के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। आज भी वह ‘सबसे शिक्षित भारतीय’ कहलाए जाते हैं। उनके पास 2या 4नहीं बल्कि 20बड़ी डिग्रियां थीं। वो डिग्रियां जो एक आम इंसान पूरी जिंदगी लगाकर कमाता है।
आइए जानते हैं उनके बारे में...
1. श्रीकांत जिचकर का जन्म 14 सितंबर 1954 को नागपुर में हुआ था।
2. डॉ. श्रीकांत जिचकर कई विषयों में रिसर्च कर चुके थे। वह किसान के साथ ही राजनीति, थिएटर, जर्नलिज्म में भी रिसर्च कर चुके थे।
3. उन्होंने सबसे पहले एमबीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने एमएस की डिग्री लेनी शुरू की, पर बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद वो कानून की पढ़ाई की तरफ मुड़ गए।
4. डॉ. श्रीकांत जिचकर ने एलएलबी की पढ़ाई के बाद वो एलएलएम (अंतर्राष्ट्रीय कानून) की पढ़ाई करने लगे। इसके बाद उन्होंने एमबीए की डिग्री ली फिर जर्नलिज्म की भी डिग्री ली।
शिक्षा
1973से 1990के बीच श्रीकांत ने 42यूनिवर्सिटीज के एग्जाम दिए, जिनमें से 20में वे पास हुए। यही नहीं, ज्यादातर में वे फर्स्ट डिवीजन से पास हुए और उन्हें कई गोल्ड मेडल भी मिले थे। जिचकर ने आईपीएस का एग्जाम भी पास किया था लेकिन जल्द ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने आईएएस का एग्जाम भी पास किया था। चार माह बाद उन्होंने त्यागपत्र दिया और फिर राजनीति में आ गए।
ये हैं उपलब्धियां
1. Medical Doctor, MBBS and MD
2. Law, LL.B
3. M.A. Public Administration
4. M.A. Sociology
5. M.A. Economics
6. M.A. Sanskrit
7. M.A. History
8 M.A. English Literature
9. M.A. Philosophy
10. M.A. Political Science
11. M.A. Ancient Indian History, Culture and Archaeology
12. M.A Psychology
13. International Law, LL.M
14. Masters in Business Administration, DBM and MBA
15. Bachelors in Journalism
16. D. Litt. Sanskrit
17. IPS
18. IAS
राजनीति में भी सबसे आगे
इतनी डिग्रियां हासिल करने के बाद श्रीकांत 1980 में IAS के लिए चयनित हुए. अपना मन बदलते हुए उन्होंने महाराष्ट्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और अपनी पहली राजनीतिक जीत दर्ज की। जिसके बाद उन्हें जल्द ही ताकतवर मंत्रालय भी मिल गया। उनकी योग्यता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्हें 14 विभाग सौंप दिए गए थे। 1986 से 92 तक वो महाराष्ट्र विधान परिषद और 1992-98 में राज्यसभा के सांसद रहे। 25 साल की उम्र में वह MLA बन गए थे।
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