Arvind Kejriwal statement: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ चीन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बड़े प्रयोग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत में सरकार छोटे-छोटे बच्चों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में व्यस्त है। उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि चीन आर्टिफिशियल सूरज (Artificial Sun) बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे भविष्य में सूर्य जैसी ऊर्जा पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
AAP संयोजक ने की चीन की तारीफ
AAP संयोजक ने कहा कि चीन का यह प्रोजेक्ट न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक पर आधारित है और इसके जरिए ऊर्जा उत्पादन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट साल 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में दूसरी तरफ सड़क, पुल और शहरों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान शहरों में जलभराव हो जाता है और जगह-जगह कूड़े की समस्या दिखाई देती है।
मोदी सरकार पर लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बजाय राजनीतिक गतिविधियों में ज्यादा ध्यान दे रही है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार सांसद और विधायक खरीदने, पार्टियां तोड़ने और वोटों से जुड़े मामलों में लगी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उन बच्चों पर एफआईआर करवा रहे हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर उनका मजाक बनाया। केजरीवाल ने कहा कि भारत को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो दूरदर्शी सोच के साथ देश को आगे ले जाए और विज्ञान, तकनीक व विकास पर ध्यान दे।
केजरीवाल ने RSS को बनाया था निशाना
इससे पहले भी अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयानों को लेकर हमला बोला था। उन्होंने दावा किया था कि दोनों नेताओं के बयानों में विरोधाभास है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि मोहन भागवत ज्यादा बच्चे पैदा करने की बात कर रहे हैं, जबकि रेखा गुप्ता की योजना में तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों को लाभ नहीं मिलने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि इन बयानों से लोग भ्रमित हैं और दोनों नेताओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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