
Winter Session 2024: राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने कहा, "जब हम संस्कृति की बात करते हैं तो कई लोगों को लगता है कि हम प्रगतिशील नहीं हैं। मैं उनका ध्यान दिलाना चाहता हूं कि संविधान की मूल प्रति पर अजंता और एलोरा की गुफाओं की छाप भी थी। इस पर हमें कमल की छाप भी दिखाई देती है।
जेपी नड्डा ने कहा कि कमल इस बात को दर्शाता है कि कीचड़ और दलदल से निकलकर आज़ादी की लड़ाई के बाद हम एक नई सुबह के साथ नए संविधान के साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं इसीलिए हमारा संविधान भी हमें कमल से प्रेरणा देता है कि तमाम परेशानियों के बावजूद भी हम लोकतंत्र को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, "ये जो त्योहार हम मनाते हैं, ये एक प्रकार से संविधान के प्रति हमारे समर्पण को, संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि हम इस अवसर का सदुपयोग राष्ट्रीय लक्ष्य की पूर्ति में करेंगे।
भारत केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र की जननी है- जे पी नड्डा
जे पी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, भारत केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र की जननी है। देश संविधान सभा के सदस्यों का ऋणी है जिन्होंने हमारे संविधान को आकार दिया। जेपी नड्डा ने बाबा साहब को कोट करते हुए कहा कि संविधान में छेड़छाड़ की बात बैड लॉट ने शुरू से ही ठान ली थी। इस बात को हमको समझना चाहिए. देश को जोड़ने का काम सरदार पटेल को दिया गया और यह गौरव के साथ कह सकता हूं कि मुझे बड़ी खुशी हुई. बहुत वर्षों बाद कांग्रेस की ओर से भी सरदार पटेल का नाम सुना.'
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