
नई दिल्ली: कपकपाती ठंड में अगर आप से कहा जाए की आपको बर्फीले पानी में डुबकी लगाना है, तो शायद इस बारे में आप कई बार सोचेंगे। बहुत से लोग ऐसा नहीं करना चाहेंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान में नए वर्ष की शुरुआत कुछ इस तरह ही की जाती है। दरअसल जापान में नववर्ष की शुरुआत बर्फीले पानी में स्नान करने और उसी पानी में डांस करने के बाद ही शुरू होती है।
बता दे कि टोक्यो के कांडा आयोजन मंदिर में इसका आयोजन किया जाता है। यहां लोगों की मान्यता है कि अगर बर्फ के पानी में खड़े होकर प्रार्थना की जाए तो इंसान को उसके पापों से मुक्ति मिलती है और शरीर शुद्ध हो जाता है। यहां ईश्वर से प्रार्थना करने के लिए सैकड़ों लोगों की तादाद जुड़ती है। जब इन लोगों से पूछा गया था कि क्या इन्हें ठंड नहीं लगती।तब एक महिला ने कहा था कि ठंड लगने की बजाय मेरे पैर की उंगलियों में दर्द होता है।लेकिन जब यह दर्द खत्म हो जाता है तो मैं तरोताजा महसूस करती हूं। मुझे लगता है कि इससे बेहतर नए साल की शुरुआत हो ही नहीं सकती है।
रूस में मनाया जाता अनोखा उत्सव
रूस में हर साल एपिफनी के दिन निष्ठावान ईसाई नदी और झील में डुबकी लगाकर प्रभु ईसा मसीह को याद करते है।इपिफनी के अवसर पर लोग पारंपरिक रूप से आसपास नदी या तालाब में जाकर बर्फ से जमे पानी में डुबकी लगाते है। कहा जाता है कि इसी दिन ईसा मसीह ने जॉर्डन नदी में डुबकी लगाई थी। रूस में ऐसी मान्यता है कि इपिफनी की मध्य रात्रि पर सारा पानी पवित्र हो जाता है, जिससे इंसान के हर तरह के पाप धुल जाते है। हर साल की तरह इस साल भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बर्फीले पानी में डुबकी लगाई। रूस में यह परंपरा 16वीं सदी से चली आ रही है।
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