
नई दिल्ली: दुनिया में ऐसे-ऐसे वाक्या सामने आते है जिससे जानकर हैरानी के अलावा ओर कुछ नहीं होता है। वहीं कुछ गांव के नाम दुनिया में काफी चर्चा में बने रहते है हालांकि वजह सभी की अलग-अलग होती है। कोई गांव किसी वजह सेप प्रसिद्ध तो कोई किसी ओर से, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे है जिसमें पुतलों का राज है। इतना ही नहीं स्कूलों में बच्चों की जगह पुतले पढ़ने जाते है।
पुतला का गांव
दरअसल जापान में एक ऐसा गांव है जहां आपको पुतलों और गुडियां हर घर, हर स्कूलों और हर चौक-चौराहों पर देखने को मिल जाएंगे। हालांकि इसके पीछे एक बड़ी वजह है। हम बात कर रहे है जापान के नागोरो गांव की जहां पुतलों को घरो में रखा जाता है। कहा जाता है कि इस गांव में 18 साल से कोई भी बच्चा पैदा नहीं हुआ है। यहां युवाओं की जनसंख्या का करीब-करीब खत्म हो जाना। बच्चे ना पैदा होने पर इस गांव में बुजुर्गों की जनसंख्या ज्यादा हो गई है जिस वजह से यहा पुतलों को घरों में रखा जाने लगा।
स्कूल पढ़ने जाते है पुतले
वहीं ये पुतले घर ही नहीं स्कूलों में भी पढ़ने जाते है और साथ ही गली-मोहल्ले में भी दिखाई दे देंगे। वहां के हर बाजारों में पुतले मौजूद रहते हैं। वहीं इसकी शुरूआत की बात करें तो गांव की रहने वाली महिला अयानो सुकिमी ने की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने पिता के कपड़े पहनाकर एक पुतला बनाया था।हालांकि ये सिर्फ शौक के लिए था, लेकिन उसके बाद उसने मिशन बना लिया और पुतले बनाने शुरू किए।
कहा जाता है कि गांव में बच्चे पैदा ना होने पर स्कूलो को बंद कर दिया था भी है लेकिन अब उन स्कूलों को खोल दिया है। क्योंकि बच्चों की जगह अब स्कूल में पुतले बिठाए हुए है और टीचर की जगह बिजूका दिखा दे रहे है। जो उन्हें शिक्षा देते हैं।
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