Jamia University: दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र आंदोलन को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया जा रहा है। छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से भूख हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। केरल से सांसद हारिस बीरन के हस्तक्षेप के बाद इस बातचीत में सहमति का रास्ता निकला। इसके बाद छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने की घोषणा की गई।
जानकारी के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर सांसद हारिस बीरन से मुलाकात की थी। छात्रों से बातचीत के बाद सांसद ने विश्वविद्यालय के कुलपति से चर्चा की। इसके बाद वह रजिस्ट्रार के साथ छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी मांगें स्वीकार किए जाने की जानकारी दी। इस घटनाक्रम के बाद लंबे समय से जारी आंदोलन के समाप्त होने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, छात्रों की ओर से अपनी प्रमुख मांगें मान लिए जाने का दावा किया गया है।
करीब 20 साल से छात्र संघ की बहाली की मांग
जामिया मिलिया इस्लामिया में पिछले करीब 20 वर्षों से छात्र संघ नहीं है। ऐसे में छात्र लगातार विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाल करने की मांग उठा रहे थे। इसी मांग को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे कुछ छात्रों की सेहत बिगड़ने और कैंपस में तनाव बढ़ने की स्थिति भी सामने आई थी।
ऑफलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद
छात्र आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं। अब सहमति बनने के बाद कैंपस में ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आंदोलन की सफलता पर जामिया के छात्रों को बधाई दी है। छात्र संघ की बहाली को लेकर बनी इस सहमति को विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।