Bankipur BYElection: बिहार का विधानसभा क्षेत्र इस वक्त सियासी अखाड़ा बना हुआ है। कहने के लिए ये उपचुनाव है लेकिन, भाजपा के लिए नाक की लड़ाई है। इस सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होना है लेकिन, उससे पहले हाइवोल्टेज ड्रामा शुरू है।
शुक्रवार यानी 10 जुलाई को भाजपा ने ऐन वक्त पर अपना उम्मीदवार बदल दिया। बड़ी बात ये रही की अभिषेक सिन्हा ने अपना नामांकन भी दर्ज कर दिया था। उसके बाद उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। अब उनकी जगह भाजपा ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है।
अभिषेक सिन्हा क्यों हटे पीछे
बताया जा रहा है कि अभिषेक सिन्हा का चुनावी मैदान से पीछे हटने का सबसे बड़ा कारण उनके पिता का अतीत बताया जा रहा है। उनके पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा चारा घोटाले में दोषी पाए गए थे। रविंद्र सिन्हा एक कंपनी के मैनेजर पद पर कार्यरत थे। इस कंपनी पर चारा घोटाले का फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने का आरोप लगा था। इस मामले में रविंद्र सिन्हा के खिलाफ मुकदमा चला था और वह दोषी पाए गए थे।
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बढ़ सकता था कानूनी दांव-पेंच
सूत्रों के मुताबिक ये भी बताया जा रहा है कि अभिषेक सिन्हा के नामांकन फॉर्म में भी भारी गड़बडी की बात सामने आई थी। अभिषेक सिन्हा ने अपने नॉमिनेशन पेपर में खुद को 10वीं पास बताया था लेकिन, जब उनके दस्तावेजों और रिजल्ट की बारिकी से जांच की गई, तो उसमें कुछ गंभीर खामियां पाई गई। भाजपा को अंदेशा था कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सिन्हा का नामांकन रद्द कर सकते थे। ऐसे में वहां भाजपा का कोई उम्मीदवार ही नहीं बचता। कानूनी पंचड़े से बचने के लिए पार्टी ने उनसे खुद नाम वापस दिलवा दिया।