NEET Exam Paper Leak Case: राउज एवेन्यू अदालत ने शनिवार को NEET UG परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी। आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेल से पेश किया गया। सीबीआई न्यायाधीश सतीश कुमार ने आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, तेजस हर्षद कुमार शाह, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, मांगी लाल बिवाल, यश यादव, प्रहलाद कुलकर्णी, डॉ. मनोज शिरुरे, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हावलदार की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी।
न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए दिया था आवेदन
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाने हेतु आवेदन दिया था। अदालत के एक प्रश्न के उत्तर में सीबीआई ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। सरकारी अधिकारी द्वारा बीएनएस, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग आदि धाराओं के तहत दर्ज कराई गई शिकायत पर 12 मई, 2026 को एफआईआर दर्ज की गई।
सीबीआई ने लगाया आरोप
सीबीआई का आरोप है कि मंगिलाल बिवाल ने विकास बिवाल के लिए नीट के प्रश्न पत्र प्राप्त करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। प्रश्न पत्र मंगिलाल बिवाल के मोबाइल फोन से बरामद किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, मंगिलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये के सौदे में लीक हुए नीट यूजी के प्रश्न पत्र प्राप्त किए थे। पूछताछ के दौरान, मंगिलाल के बेटे विकास बिवाल ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान उनकी मुलाकात यश यादव से हुई थी।
सीबीआई ने आगे आरोप लगाया है कि मंगिलाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्न पत्र प्राप्त करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया, जिसके बाद अन्य आरोपियों को शामिल करते हुए एक बड़ा जत्था बन गया। आरोप है कि शुभम ने सबसे पहले प्रश्न पत्र यश के साथ साझा किया, जिसने इसे मंगिलाल, विकास और फिर दिनेश बिवाल को दे दिया।
12 लाख रुपये में बेचा प्रश्नपत्र
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि मांगी लाल ने लीक हुए प्रश्नपत्र को कई उम्मीदवारों को 12 लाख रुपये में बेच दिया। अदालत ने 9 जून को मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी यश यादव को 21 जून को होने वाली NEET UG परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई और न्यायिक हिरासत में रहते हुए उन्होंने अपनी बहन की शादी में शिरकत की। डॉ. मनोज शिरुरे और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की जमानत याचिकाओं पर क्रमशः 14 और 15 जुलाई को सुनवाई होनी है।
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