International Yoga Day: देशभर में आज 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस वर्ष का मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योग किया। कोलकाता की रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 35 से 40 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो सकता है। योग दिवस के अवसर पर लखनऊ, पटना, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद और दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह से ही पार्कों, स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने योगाभ्यास किया।
मोदी ने योग दिवस की शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी। वर्ष 2014 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन मिला। इसके बाद 21 जून 2015 को दुनिया भर में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक समर्थन पाने वाले प्रस्तावों में से एक माना जाता है। 21 जून को योग दिवस मनाने के पीछे भी खास वजह है। यह साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म अयनांत कहा जाता है। भारतीय परंपरा में इस दिन को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसी समय से सूर्य दक्षिणायन की ओर बढ़ता है और साधना का श्रेष्ठ काल शुरू होता है।
क्या है उद्देश्य?
योग दिवस पर पूरी दुनिया में एक समान अभ्यास के लिए आयुष मंत्रालय ने कॉमन योग प्रोटोकॉल तैयार किया गया। करीब 45 मिनट के इस कार्यक्रम में प्रार्थना, हल्के व्यायाम, विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस वर्ष योग दिवस की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" रखी गई है। इसका मकसद बढ़ती उम्र में बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
स्वस्थ जीवन का संदेश
योग दिवस अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। लद्दाख की बर्फीली चोटियों, सियाचिन ग्लेशियर, नौसेना के युद्धपोतों से लेकर पेरिस के एफिल टॉवर और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे योग एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में स्थापित हो चुका है। योग दिवस के साथ-साथ 21 जून का दिन कई ऐतिहासिक घटनाओं का भी साक्षी रहा है। यही वजह है कि यह तारीख स्वास्थ्य, संस्कृति और इतिहास के लिहाज से विशेष महत्व रखती है। आज दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने योग के जरिए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
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