भारत के इन इलाकों में जाने के लिए भारतीयों को लेनी पड़ती है परमिशन

भारत के इन इलाकों में जाने के लिए भारतीयों को लेनी पड़ती है परमिशन

नई दिल्ली: भारत में बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जहां जाने के लिए खुद भारतीयों को भी परमिट लेने की जरूरत होती है। ये जगहें इंटरनेशनल बॉर्डर के आसपास होने के कारण यहां जाने के लिए संबंधित अथॉरिटी की परमिशन लेनी पड़ती है। कुछ जगहों को ट्राइबल कल्‍चर को प्रोटेक्‍ट करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ये संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण यहां लोकल लोगों के अलावा कोई भी व्यक्ति बिना इजाजत के नहीं जा सकता।

ऐसे में आइए जानते है भारत के इन इलाकों के बारे में विस्तार से।

जब हम इंटरलेशन टूर का प्‍लान करते हैं तो हमें वहां जाने के लिए पहले वीजा अप्‍लाई करना पड़ता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि हमें अपने देश में भी कुछ स्थानों पर जाने के लिए इनर लाइन परमिशन यानी कि आईएलपी लेने की जरूरत पड़ती है। इनर लाइन परमिट की जरूरत बॉर्डर के पास स्थित या सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील जगहों में घूमने के लिए चाहिए होती है। ऐसा इसलिए है ताकि इन जगहों पर लोगों को आने से रोका जा सके और इन जगहों में रहने वाले ट्राइबल कल्चर को सुरक्षित रखा जा सके।

तो आइए जानते हैं भारत की उन जगहों के बारे मेंजहां ट्राइबल कल्‍चर को सुरक्षित रखने के लिए खुद भारतियों का जाना मना हैं

अरुणाचल प्रदेश

अगर आप भी अरुणाचल प्रदेश घूमने का सोच रहे तो बता दे, कि अरुणाचल प्रदेश में स्थित ईटानगर, रोइंग, तवांग, बोमडिला, पासीघाट, भालुकपोंग, जीरो और अनिनी ऐसे टूरिस्ट स्‍पॉट हैं जहां पर घूमने के लिए इनर लाइन परमिट लेने की जरूरत होती है। भूटान, म्यांमार और चीन की सीमा के पास बसा यह राज्य सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता हैं। इनर लाइन परमिट के लिए आपको पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और 100 रुपये देने होते हैं और ये परमिट 30 दिनों के लिए वैलिड होता है।जो लोग यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, वे संरक्षित क्षेत्रों के लिए परमिट नई दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी और शिलॉन्ग में अरुणाचल प्रदेश सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर से प्राप्त कर सकते हैं। यह परमिट आप ऑनलाइन भी ले सकते हैं।

लक्षद्वीप

केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप अपने समुद्री तटों के लिए दुनियाभर में प्रसिध्द है जहां कुल 36 द्वीप हैं। हालांकि केवल 10 द्वीपों पर ही घूमने की व्‍यवस्‍था है। इन द्वीपों पर जाने के लिए भी परमिशन की जरूरत पड़ती है। परमिशन के लिए पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और 50 रुपये की जरूरत होती है, परमिट के लिए आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। इसके अलावा आपके दस्तावेजों की जांच भी की जाती है परमिट मिलने के बाद, आपको अपना क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लक्षद्वीप में स्टेशन हाउस ऑफिसर के पास जमा करना होगा। यहां जाने के लिए आप ऑनलाइन परमिट भी प्राप्त कर सकते हैं।

लद्दाख

लद्दाख की सीमा चीन और पाकिस्तान को छूती है जिस कारण इसे काफी सेंसेटिव क्षेत्र माने जाते है। अगर आप लद्दाख घूमने का प्‍लान बना रहे हैं तो बता दें कि नुब्रा घाटी, खारदुंग ला पास, त्सो मोरीरी लेक, पैंगाँन्ग त्सो लेक, दाह, हनु विलेज, न्योमा, टर्टूक, डिगर ला और तंग्यार जैसी खूबसूरत पर्यटक जगहों पर जाने के लिए भी आपको इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है। परमिट के लिए आपको राष्ट्रीयता प्रमाण की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और 30 रुपये देने होते हैं। इस परमिट की वेलिडिटी मात्र एक दिन की होती है।

नागालैंड

नागालैंड की सीमा  म्यांमार को छूती है और यहां 16 तरह के आदिवासी समुदाय रहते हैं खूबसूरत हरी वादियों में बसा नागालैंड पर्यटकों का पसंदीदा जगह है। यहां रहने वाले आदिवासी समुदायों अपनी अलग भाषा,रीतीरिवाज और खानपान के लिए जाने जाते हैं। जो लोग इस जगह पर घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो आपको परमिट की जरूरत पड़ेगी। परमिट लेने के लिए पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और  50 रुपये की जरूरत होती है। अगर आप 5 दिनों के लिए परमिट चाहते हैं तो 50 रुपये और 30 दिनों के लिए 100 रुपये लगते हैं। नागालैंड के कोहिमा, वोखा, मोकोकचुंग, दीमापुर, किफिरे और मोन जैसी खूबसूरत जगहें इसमें शामिल है।

मिजोरम

बांग्लादेश और म्यांमार के बाउंड्री लाइन के बीच स्थित मिजोरम घूमने के लिए भी पर्यटकों को परमिट लेना जरूरी होता है। जिसे आप सिलचर, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलॉन्ग और नई दिल्ली में मिजोरम सरकार के संपर्क अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और 120 रुपये देकर अस्थायी जबकि 220 रुपये देकर स्थायी इनर लाइन परमिट बनवाया जाता है।मिजोरम जाने के लिए 2 तरह के परमिट उपलब्ध हैं- एक परमिट सिर्फ 15 दिनों के लिए मान्य होता है जबकि दूसरा परमिट 6 महीने के लिए मान्य होता है। हालांकि, जो लोग इस राज्य में फ्लाइट से जा रहे हैं वो आइजोल के लेंगपुई एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों से स्पेशल पास भी ले सकते हैं।

सिक्किम

सिक्किम के नाथूला पास, त्सोमगो-बाबा मंदिर ट्रिप, दज़ोंगरी ट्रेक, सिंगालीला ट्रेक, युमेसमडोंग, गुरुडोंगमार झील ट्रिप, युमथांग जीरो पॉइंट ट्रिप,थंगु-चोपटाजैसी दिलचस्प जगहों पर घूमने के लिए आपको इनर लाइन परमिट लेनी पड़ती है। हालांकि यहां जाने के लिए रुपये की जरूरत नहीं पड़ती।परमिट पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग (Tourism & Civil Aviation Department) द्वारा जारी किया जाता है, इसे आप बागडोगरा एयरपोर्ट और रंगपोचेकपोस्ट से प्राप्त कर सकते हैं। स्पेशल परमिट पाने के लिए आप टूर ऑपरेटरों या ट्रैवल एजेंट्स की मदद भी ले सकते हैं।

मणिपुर

मणिपुर एक बेहद सुंदर जगह है लेकिन यहां जाने के लिए भी भारतीयों को परमिट लेने की जरूरत होती है। यहां जाने से पहले अपने साथ पासपोर्ट साइज फोटो, और अपना मान्य पहचान पत्र जरूर साथ ले जाएं।

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