
Maha Kumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 29जनवरी, बुधवार को मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में 30लोगों की जान चली गई और 90लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एक न्यायिक कमेटी का गठन किया है, जो अब जांच प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
हाईकोर्ट में CBIजांच की याचिका दाखिल, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अब इस घटना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से मामले की जांच कराने की अपील की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कोर्ट को सुओ मोटो लेते हुए जल्द से जल्द सुनवाई करनी चाहिए। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि भगदड़ के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए और आगामी स्नान पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए।
यह लेटर पिटीशन राय चंद्र द्विवेदी, जो कि सोनभद्र जिले के एक रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर, सेंट्रल वाटर कमीशन के सदस्य हैं, उनकी ओर से दाखिल की गई है। इस याचिका की सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है, यदि हाईकोर्ट इसे स्वीकार करता है।
केंद्र और राज्य सरकारों को प्रतिवादी बनाया गया
याचिकाकर्ता ने इस मामले में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी प्रतिवादी बनाया है। याचिका में यह मांग की गई है कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए सरकारों को उचित निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने यह भी आग्रह किया है कि सभी राज्य सरकारों को अपने सुविधा केंद्रों पर तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा उपायों और गाइडलाइंस के बारे में बुनियादी जानकारी प्रदान करने का आदेश दिया जाए।
महाकुंभ जैसी धार्मिक और सामाजिक महत्व की घटनाओं में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को लेकर यह मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है, और आगामी पर्वों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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