
नई दिल्ली: दुनियाभर में हर रोज हजारों लोग सड़क हादसे के कारण मरते है। जिसमें अच्छी खासी पहाड़ी इलाकों और घाटियों में मोड़ के कारण होती है। अगर आप सड़क रास्ते कभी बस से या गाड़ी से गए होंगे, तो अपने खुद देखा होगा कि कैसे लोग मोड़ से अचानक कार निकालते हैं और सामने से आ रही गाड़ी एकदम से टकराती है और इस तरह भयंकर हादसे देखने को मिलते हैं। हॉर्न बजाने के बाबजूद भी लोग सुनते नहीं हैं और सड़क हादसों का शिकार हो जाते हैं।
ऐसे में आज हम आपको भारत की एक ऐसी तकनीक के बारे में बताने जा रहे है जिसके इस्तेमाल से सड़क हादसों को रोका जा सकता है। इसका बखूबी उदाहरण जम्मू और श्रीनगर के एनएच हाईवे पर है। बता दें ये एक ऐसी जगह है जहां सड़क खुद हॉर्न बजाती है। जी हां, सुनकर चौकिए नहीं बल्कि ये शायद लोगों के लिए ही अच्छी बात है कि इससे सड़क हादसों को रोकने में मदद मिल रही है। तो आइये जाते है ये सड़क पर कैसे काम करता है।
जम्मू और श्रीनगर के एनएच पर है ये सुविधा
बता दें, लगातार होते हादसों को रोकने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम और लिओ बर्नेट ने 2017 में एक खास तकनीक लांच की थी जिसमें गाड़ी के हॉर्न बजाने की जगह पर सड़क के हॉर्न बजाने का सिस्टम डेवलप किया गया है। इस तकनीक को पहले जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाले एनएच-1 पर टेस्ट करने के लिए शुरू किया गया था। अब इस तकनीक को बाकि जगह पर भी इस्तेमाल करने का प्लेन सरकार कर रही है।
सफल तरीके से शुरू हुई ये तकनीक
जानकारी के मुताबिक, एनएच-1 में इस तकनीक के सफल तरिके से शुरू होने के बाद से यहां हादसों में कमी आई है। अब इस तकनीक को देश के कई अन्य सड़कों पर भी लगाने की प्लानिंग की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट पोल्स लगाने से एनएच-1 पर हादसों में काफी कमी आई हैं।
मोड़ पर लगा स्मार्ट लाइफ पोल्स
गौर करने की बात ये है कि इन घाटियों में रास्ते बेहद घुमावदार होते हैं। ऐसे में घुमाने पर दूसरी तरफ से आ रही गाड़ी दिखती नहीं है या फिर कई बार ड्राइवर ऐसे मोड़ पर हॉर्न बजाना भी भूल जाते हैं। इससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है। यहां सड़क के मोड़ के पास स्मार्ट लाइफ पोल्स लगाए गए हैं, जैसे ही गाड़ी पोल्स के पहुंचती है तो सड़क से आवाज आने लगती है और ड्राइवर पहले से ही सावधानी बरत लेते हैं।
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