मिशन चंद्रयान-4 की तैयारी में जुटा भारत, सरकार ने दिया इतने करोड़ का फंड

मिशन चंद्रयान-4 की तैयारी में जुटा भारत, सरकार ने दिया इतने करोड़ का फंड

Mission Chandrayan-4: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत 2027 में चंद्रयान-4 मिशन लॉन्च करेगा। जिसका उद्देश्य चंद्रमा की तरह से नमूने इक्ट्ठा करना है उन्हें पृ्थ्वी पर वापस लाना है। चंद्रयान-4 मिशन में LVM-3 रॉकेट के कम से कम दो अलग-अलग लॉन्च शामिल होंगे। जो मिशन के पांच अलग-अलग यंत्रों को ले जाएंगे। जिन्हें कक्षा में इकट्ठा किया जाएगा। 

जितेंद्र सिंह ने कहा कि मिशन चंद्रयान जिसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए अंतरिक्ष यान में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना है और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है। यह मिशन अगले साल लॉन्च किया जाएगा।  

चंद्रयान-4 की पूरी कहानी     

चंद्रयान-4एक बार लॉन्च नहीं होगा। इसे दो हिस्सों में लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद अंतरिक्ष में इसके मॉड्यूल्स को जोड़ेगे यानी डॉकिंग करेंगे। यही तकनीक भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के बाद मदद करेगी। इसरो ने इससे पहले ऐसा कारनामा नहीं किया है। इस मिशन के लिए पीएम मोदी कैबिनेट ने 2104.06 करोड़ रुपए का फंड दिया है। इसमें इसमें चंद्रयान-4 स्पेसक्राफ्ट, LVM-3 के दो रॉकेट और चंद्रयान-4से लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए स्पेस नेटवर्क और डिजाइन वेरिफिकेशन शामिल है। बताया गया है कि यह मिशन अगले 36 महीनों में पूरा हो जाएगा।  

समुद्रयान भी लॉन्च करेगा भारत           

भारत 2026 में समुद्रयान भी लॉन्च करेगा, जो तीन वैज्ञानिकों को एक पनडुब्बी में 6000 मीटर की गहराई तक ले जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में समुद्रयान मिशन पर प्रकाश डाला था। प्रधानमंत्रीने समुद्रयान की क्षमता पर जोर दिया है। जिसमें महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ धातुएं और अनुसंधानित समुद्री वैव विविधता सहित विशाल संसाधनों की खोज करना शामिल है।  इस मिशन के जरिए भारत दुनिया को समुद्र में अपनी ताकत और तकनीक का अहसास दिलाएगा।    

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