Indian Army: 'विजय दुर्ग' के नाम से पहचाना जाएगा सेना का पूर्वी कमान हेडक्वॉर्टर, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Indian Army: 'विजय दुर्ग' के नाम से पहचाना जाएगा सेना का पूर्वी कमान हेडक्वॉर्टर, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Indian Army: कोलकाता स्थित भारतीय सेना के पूर्वी कमान का मुख्यालय फोर्ट विलियम अब 'विजय दुर्ग' के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव उपनिवेशी विरासत से अलग होने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। बुधवार, 5फरवरी 2025को एक रक्षा अधिकारी ने इसकी पुष्टि की और बताया कि यह नाम परिवर्तन सेना की एक आंतरिक पहल है। इसके साथ ही किले के अंदर स्थित कुछ ऐतिहासिक इमारतों के नाम भी बदले गए हैं।

किले की इमारतों के नाम में बदलाव

सेना ने फोर्ट विलियम और उसके अंदर स्थित अन्य इमारतों के नाम बदलने का निर्णय नवंबर-दिसंबर 2024में लिया था। एक रक्षा अधिकारी ने कहा, "हम धीरे-धीरे औपनिवेशिक विरासत से अलग हो रहे हैं।" इसके तहत, 'सेंट जॉर्ज गेट' का नाम अब 'शिवाजी द्वार' रखा गया है।

इसके अलावा, 'किचनर हाउस' का नाम बदलकर 'मानेकशॉ हाउस' किया गया है। यह नाम फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने 1971के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। पहले 'किचनर हाउस' का नाम ब्रिटिश अधिकारी खार्तूम के पहले अर्ल एचएच किचनर के नाम पर रखा गया था।

रसेल ब्लॉक का नाम 'बाघा जतिन ब्लॉक' रखा गया

फोर्ट विलियम के भीतर स्थित 'रसेल ब्लॉक' का नाम बदलकर 'बाघा जतिन ब्लॉक' कर दिया गया है। यह नाम स्वतंत्रता सेनानी जतिन्द्रनाथ मुखर्जी के सम्मान में रखा गया है। उन्हें 'बाघा जतिन' के नाम से जाना जाता था और 1915में ओडिशा के बालासोर में ब्रिटिश पुलिस की गोलीबारी में उन्होंने शहादत प्राप्त की थी।

फोर्ट विलियम का ऐतिहासिक महत्व

फोर्ट विलियम का निर्माण 1781में ब्रिटिश साम्राज्य के अधिकार और प्रभुत्व के प्रतीक के रूप में किया गया था। इसका नाम इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय के नाम पर रखा गया था। किला हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है और ब्रिटिश शासनकाल में यह एक प्रमुख सैन्य ठिकाना था।

फोर्ट विलियम का किला परिसर 170 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। 1963 में इसे पूर्वी सेना कमान का मुख्यालय बनाया गया था, जबकि इससे पहले यह मुख्यालय लखनऊ में था।

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