भारत की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में दिखाई ताकत, 7.8 प्रतिशत बढ़ी जीडीपी

भारत की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में दिखाई ताकत, 7.8 प्रतिशत बढ़ी जीडीपी

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अपने मजबूत प्रदर्शन से निवेशकों और अर्थशास्त्रियों को चौंका दिया है। दिसंबर में खत्म हुई इस तिमाही में देश की जीडीपी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो सालाना आधार पर आर्थिक मजबूती का स्पष्ट संकेत है। पिछली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। इसका मतलब है कि इस बार क्रमिक आधार पर थोड़ी नरमी देखी गई है। लेकिन अगर पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें, तो तब जीडीपी ग्रोथ केवल 6.2 प्रतिशत थी। यानी सालाना आधार पर विकास की गति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

इस वृद्धि के मुख्य कारण

अर्थशास्त्रियों के अनुमान के अनुसार दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो 7 प्रतिशत से 8.7 प्रतिशत के दायरे में था। लेकिन वास्तविक आंकड़ा 7.8 प्रतिशत आया, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर स्थिति को दर्शाता है।

इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

त्योहारी मांग में वृद्धि: तीसरी तिमाही में त्योहारों का सीजन था, जिससे बाजार में उपभोक्ताओं की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ। लोग अधिक खरीदारी कर रहे थे, जिससे उत्पादन और बिक्री दोनों में तेजी आई और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

जीएसटी में कटौती: सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों में किए गए जीएसटी कटौती ने उद्योगों और व्यापारियों को उत्पादन बढ़ाने में मदद की। इसका सीधा असर विकास दर पर पड़ा और यह ग्रोथ को समर्थन देने वाला मुख्य कारक साबित हुआ।

निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए संदेश

हालांकि शुक्रवार को शेयर बाजार में सेंसेक्स 961 अंक टूट गया और बिकवाली देखी गई, लेकिन 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ यह भरोसा देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी मांग और सरकारी नीतियों का सकारात्मक असर भविष्य में भी आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।

कुल मिलाकर तीसरी तिमाही के आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत की विकास गाथा सुरक्षित और मजबूत ट्रैक पर है। सालाना आधार पर तेज वृद्धि और बाजार से बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश की अर्थव्यवस्था भविष्य में भी स्थिर और प्रगतिशील बनी रहेगी।  

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