
Ram Rahim News: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ मुश्किलें अब और बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। पंजाब सरकार ने 2015 में हुई बेअदबी के तीन मामलों में राम रहीम के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। ये घटनाएँ तब हुई थीं जब सिख समुदाय ने इन मामलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे, जिसमें पुलिस की फायरिंग के कारण दो लोगों की मृत्यु हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से खुला रास्ता
गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुकदमा चलाने पर रोक लगा दी थी। इस साल मार्च में हाईकोर्ट ने इन मामलों की जांच पर रोक लगाई थी। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने इस रोक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। इसके साथ ही राम रहीम को चार हफ्तों के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राम रहीम के खिलाफ निचली अदालत में ट्रायल शुरू हो सकेगा।
इसके साथ ही, पंजाब सरकार ने डेरा सच्चा सौदा समिति के तीन सदस्यों, प्रदीप क्लेर, हर्ष धुरी और संदीप बरेटा के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। ये मामले फरीदकोट के थाने में दर्ज हैं।
क्या हैं ये मामले?
इन तीन मामलों में पहला मामला 1 जून 2015 को फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में गुरुद्वारा से गुरुग्रंथ साहिब की बीड़ चोरी का है। दूसरा मामला 24 और 25 सितंबर 2015 को बरगाड़ी में सिख धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाने का है। तीसरा मामला 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुग्रंथ साहिब की चोरी हुई बीड़ के पन्ने फाड़ने का है।
ज्ञात हो कि गुरमीत राम रहीम पहले से ही रेप और हत्या के मामलों में 20 साल की सजा काट रहा है और हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 20 दिन की पैरोल पर बाहर था।
Leave a comment