
India-Canada Row: भारत और कनाडा के बीच संबंध सबसे निचले स्तर पर आ गया है। अब कनाडा से भारत लौटे भारतीय राजनयिक संजय वर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए निज्जर आतंकवादी था। साथ ही कहा कि न्याय प्रणाली से परे कोई भी कृत्य गलत है, तो सच सामने आना चाहिए। निज्जर हत्याकांड पर कनाडा ने अभी तक सबूत नहीं दिया है। कनाडा सरकार पीठ पर छुरा घोंपने जैसा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कनाडा सरकार आतंकियों को शरण देती है।
संजय वर्मा का बड़ा खुलासा
संजय वर्मा ने आगे कहा कि निज्जर हत्याकांड में मुझे “पर्सन ऑफ इंटरेस्ट”घोषित करना एक झटका था। उन्होंने कनाडा के इस कदम को गैर-पेशेवर बताया। संजय वर्मा ने कहा कि यह बहुत बुरा है। उन्होंने कहा कि कनाडा के अधिकारियों के सामने मैंने कोई भावना प्रकट नहीं की। चेहरे पर चिंता की एक भी लकीर नहीं थी। खालिस्तानी मानव तस्करी, बंदूक तस्करी और जबरन वसूली कर रहे हैं। कनाडा में खालिस्तानियों की संख्या काफी कम है लेकिन वे तेज चिल्लाते हैं। उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि कनाडा में सिर्फ 10 हजार लोग ही खालिस्तानी है। जिन्होंने खालिस्तान को कारोबार बना लिया है।
जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर लगाए थे आरोप
बता दें कि पिछले साल यानी 18 जून 2023 को खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या कनाडा में हुई थी। जिसके बाद कानाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया था। उन्होंने कहा था कि निज्जर की हत्या में भारत के खुफिया विभाग का हाथ है। जिसके बाद भारत ने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ गए थे। उस वक्त भी भारत ने कानाडा के राजनयिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि अब विवाद बढ़ता देख जस्टिन ट्रूडो अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा निज्जर की हत्या में भारत के हाथ होने के पुख्ता सबूत मेरे पास नहीं है।
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