इंटेलिजेंस रिपोर्ट के बाद दलाई लामा को मिली Z श्रेणी सुरक्षा, हर वक्त तैनात रहेंगे 12 कमांडो और 6 PSO तैनात

इंटेलिजेंस रिपोर्ट के बाद दलाई लामा को मिली Z श्रेणी सुरक्षा, हर वक्त तैनात रहेंगे 12 कमांडो और 6 PSO तैनात

Dalai Lama Z Security​: भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह सुरक्षा कदम इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की खतरे की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। अब दलाई लामा की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक सख्त होगी। Z श्रेणी की सुरक्षा के तहत दलाई लामा को कुल 33 सुरक्षाकर्मी मिलेंगे, जो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

कैसी होगी दलाई लामा की सुरक्षा व्यवस्था?

दलाई लामा को 33सुरक्षाकर्मी मिलेंगे, जिनमें 10सशस्त्र स्टैटिक गार्ड उनके घर पर तैनात होंगे। 6निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जो चौबीसों घंटे उनके साथ रहेंगे, और 12कमांडो भी होंगे, जो तीन शिफ्टों में दलाई लामा की सुरक्षा करेंगे। इसके अलावा, 2वॉचर्स तैनात किए जाएंगे, जो शिफ्टों में निगरानी करेंगे। 3प्रशिक्षित ड्राइवर हमेशा उनके काफिले का हिस्सा होंगे। इस पूरी व्यवस्था के तहत दलाई लामा की सुरक्षा को और भी मजबूत किया गया है।

इसके अलावा, सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जैसे उनके घर और कार्यालय की निगरानी करने वाले कैमरे, विभिन्न स्थानों पर चेकपॉइंट्स, और उनके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती। ये सभी इंतजाम उनकी सुरक्षा को पुख्ता करने में मदद करेंगे।

दलाई लामा का जीवन और योगदान

दलाई लामा का जन्म 1935में तिब्बत के एक छोटे से गांव ल्हामो थोंडुप में हुआ था। जब वह 2साल के थे, उन्हें उनके पूर्ववर्ती तिब्बती धर्मगुरु का पुनर्जन्म माना गया। 1940में तिब्बत की राजधानी ल्हासा में उन्हें 14वें दलाई लामा के रूप में मान्यता मिली।

1950में चीन ने तिब्बत पर हमला किया और 1959में एक असफल विद्रोह के बाद दलाई लामा भारत आ गए। तब से वह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं। दलाई लामा का जीवन शांति, अहिंसा और मानवता के सिद्धांतों पर आधारित है। इसके लिए उन्हें 1989में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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