Christmas 2022: 27 साल...लाल पत्थर से नकाशी...ये है एशिया का 185 साल पुराना चर्च

Christmas 2022: 27 साल...लाल पत्थर से नकाशी...ये है एशिया का 185 साल पुराना चर्च

नई दिल्ली: आज 25 दिसंबर है यानी क्रिसमस सेलीब्रेशन का दिन। इस दिन लोग अपने घर को सजाते है। चर्चों में जा कर प्रे करते है। लोगों में इस दिन का भारी उत्साह देखा जा रहा है। ऐसे में आज हम आपको ऐसे चर्च के बारे में बताते है जिसे एशिया का सबसे सुंदर चर्च कहा जाता है।   

बता दें, यह चर्च भारत के मध्य प्रदेश के सीहोर में है। इस ऐतिहासिक चर्च को अंग्रेजी हुकूमत के पहले पॉलिटिकल एजेंट जेडब्ल्यू ओसबार्न ने अपने भाई की याद में बनवाया था। इस चर्च का नाम ऑल सेंट्स चर्च (All Saint's Church) है। माना जाता है कि इस चर्च को बनाने में पूरे 27 साल लगे थे। यह चर्च 185 साल से भी ज्यादा पुराना है और इस त्योहार पर इस चर्च को शानदार तरीके से सजाया गया है। सुबह से ही लोग चर्च में आ रहे हैं और एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दे रहे हैं।

लाल पत्थर से हुआ चर्च का निर्माण

लाल पत्थरों से बने इस चर्च को एशिया का सबसे सुंदर चर्च माना जाता है। कई दशक बीत जाने के बाद भी यह चर्च काफी आकर्षक है जो देखने में ऐसा लगता है जैसे कुछ साल पहले ही बना हो। इस चर्च के आसपास बांसों के झुरमुट लगाए गए हैं। जिससे हरियाली से भरपूर वातावरण मिल सके। चर्च की दीवारें लाल पत्थर से बनाई गई हैं। नक्काशी भी उसी तरह की गई जिस तरह की स्कॉटलैंड चर्च में की गई है। चर्च में वास्तुशास्त्र का भी ध्यान रखा गया है।

चर्च पर था अंग्रेजो का कब्जा

दरअसल बात करें 1818 की जब भोपाल में अंग्रेजो का कब्जा हो गया था तब इस चर्च पर भी अंग्रेजो का कब्जा हो गया था। तब करीब 6 साल बाद अंग्रेजी हुकूमत ने यहां सैनिक की छावनी बनाई। बता दें ऑल सेंट्स चर्च भोपाल रियासत का पहला चर्च था, इसीलिए इस चर्च में भोपाल और उसके आसपास रहने वाले अंग्रेज अधिकारी अक्सर प्रार्थना के लिए आया जाया करते थे।

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