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दिल्ली में EV पॉलिसी 2.0 का असर! जुलाई में रिकॉर्ड 11,365 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन

दिल्ली में EV पॉलिसी 2.0 का असर! जुलाई में रिकॉर्ड 11,365 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन

Delhi Electric Vehicle Sales: दिल्ली सरकार की नई EV Policy 2.0 लागू होने के बाद राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जुलाई 2026 में दिल्ली में कुल 11,365 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो इस साल का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। माना जा रहा है कि नई नीति के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहनों का असर अब धीरे-धीरे ग्राहकों पर दिखने लगा है। जुलाई में हुए EV रजिस्ट्रेशन की संख्या जून के मुकाबले ज्यादा रही। जून 2026 में कुल 10,583 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं, जुलाई 2025 की तुलना में इस साल जुलाई में EV बिक्री करीब 15.5 प्रतिशत बढ़ी है। पिछले साल जुलाई में 9,839 इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे।

क्या कहते है विशेषज्ञों?

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ एक महीने के आंकड़ों से यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बड़ा बदलाव आ गया है। इस साल ज्यादातर महीनों में EV बिक्री 10 हजार यूनिट से नीचे रही थी। फरवरी में तो रजिस्ट्रेशन घटकर 5,472 तक पहुंच गया था। इसके बाद मार्च और अप्रैल में बिक्री में सुधार आया और मई-जून में यह आंकड़ा फिर 10 हजार के पार पहुंच गया।

जुलाई में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सबसे ज्यादा

जुलाई में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की रही। कुल 11,365 EV में से 6,710 इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर शामिल रहे, जो लगभग 60 प्रतिशत है। इसके बाद 2,331 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इसके अलावा 1,217 इलेक्ट्रिक गुड्स थ्री-व्हीलर, 622 इलेक्ट्रिक कैब, 242 इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन, 104 ई-रिक्शा और 2 साइडकार वाले ई-स्कूटर दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार, 2026 की शुरुआत में EV बिक्री का रुझान उतार-चढ़ाव वाला रहा। जनवरी में 7,501 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, फरवरी में बिक्री में बड़ी गिरावट आई। इसके बाद मार्च और अप्रैल में आंकड़े 8 हजार से ऊपर पहुंचे, मई में 9,585 और जून में 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए।

EV नीति में मिलती है सब्सिडी

परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि नई EV नीति के तहत सब्सिडी और अन्य सुविधाओं से लोगों की रुचि बढ़ सकती है, लेकिन असली असर आने वाले महीनों में साफ होगा। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन के इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर अमित भट्ट ने कहा कि शुरुआती आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन लंबी अवधि के आंकड़े ज्यादा स्पष्ट तस्वीर देंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, EV की लगातार बढ़ती मांग के लिए सिर्फ आर्थिक छूट ही नहीं, बल्कि बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहनों की उपलब्धता और ग्राहकों का भरोसा भी जरूरी है। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि आने वाले त्योहारों के सीजन में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और बढ़ सकती है।

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