
One Nation One Election: संसद की शीतकालीन सत्र में आज "वन नेशन वन इलेक्शन" विधेयक केंद्र सरकार लोकसभा में पेश करेगी। लोकसभा की बेवसाइट के अनुसार, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को पेश करेंगे। इससे पहले केंद्र कैबिनेट ने 12 दिसंबर को इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी। हालांक, केंद्र सरकार इस बिल को लोकसभा में सोमवार को पेश करने वाली थी लेकिन, बाद में मंगलवार यानी 17 दिसंबर को पेश करने का निर्णय लिया।
क्या है "वन नेशन वन इलेक्शन"?
वन नेशन वन इलेक्शन का मतलब है यानी आसान भाषा में कहे तो, लोकसभा और विधानसभा चुनाव का एक साथ होना। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की समिति की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा चुनाव खत्म होने के 100 दिन के भीतर पंचायत और नगर निगम को चुनाव करनावा चाहिए। रामनाथ कोविंद ने इस साल मार्च में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर अपना मसौदा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सौंपा था लेकिन, क्या आपको पता है इसका खाका कैसे तैयार। आइए जानते हैं
कैसे तैयार हुआ मसौदा?
दरअसल, रामनाथ कोविंद समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले उन 7 देशों की चुनाव प्रक्रिया की स्टडी की, जहां यह प्रक्रिया लागू है। इन 7 देशों में स्वीडन, बेल्जियम, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, फिलीपींस और जापान शामिल है। इन सभी देशों में केंद्र और राज्य के चुनाव एक साथ कराए जाते हैं। इसके अलावा समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है सभी विधानसभाओं और लोकसभा चुनाव 2029 तक करवाए जाए। समिति ने कहा है कि, चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से एक वोटर लिस्ट और वोटर आईडी कार्ड तैयार करें।
कांग्रेस क्यों कर रही विरोध?
Leave a comment