इस देश में फर्श पर कूदने और दौड़ने से बनाई जाती है बिजली, जानें कैसे हुई थी इसकी शुरूआत

इस देश में फर्श पर कूदने और दौड़ने से बनाई जाती है बिजली, जानें कैसे हुई थी इसकी शुरूआत

Ajab-Gajab: धरती पर जिंदा रहने के लिए इंसान को जिंदा रहने के लिए हवाऔर पानी की जरूरत होती है। इसके अलावा बिजली भी जीवन के लिए ज़रूरी हो चुका हैं। बिजली बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक तरीके में बड़ी मात्रा में कार्बन निकलता है। ये हमारी धरती के लिए काफी नुकसानदायक है। इसके साथ ही दुनिया भर में कार्बन को कम करने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।वहीं दुनिया में एक ऐसा देश है जहां पर लोगों के फर्श पर चलने से आपको अपनी जरूरत के हिसाब से बिजली मिलती है।

बता दें कि इंग्लैंड की राजधानी लंदन के एक स्टार्टअप में ऐसा ही एक खास फर्श तैयार किया गया है। यह फर्श पर दौड़ने ,नाचने और चलने से बिजली बनाई जाती है। इस खास फर्श की मदद से इसी काइनेटिक एनर्जी को बिजली में तब्दील किया जा रहा है। स्टार्टअप का दावा है कि इस फर्श को क्लबों, शॉपिंग मॉल और रेलवे स्टेशन पर लगे स्मार्ट डांस प्लोर पर लगाया जा सकता है। इसके अलावा सड़कों पर भी इसे लगाने से फायदा मिल सकता है। इस डांस फलोर को तैयार करने के बाद एसडब्ल्यूजी 3 ने कुल कार्बन उत्पादन को 70 फीसदी तक कम किया था। इसके बाद एक कंपनी की शुरूआत की गई थी।

इस तरह हुई थी शुरूआत

गौरतलब है कि लंदन के ग्रिल स्टेशनों पर इसका प्रयोग किया गया। स्टेशन के अंदर आने वाले गेट पर लगे घूमने वाले दरवाजे में टरबाइन जोड़ दिए गए। फिर इन दरवाजों के घूमने से हर दिन 2200 वोल्ट बिजली बनने लगी। इतनी बिजली चार लोगों के परिवार में 9 घंटे तक इस्तेमाल की जा सकती है। बात करे इसकी शुरुआत की तो स्कॉटलैंड के एक कला केंद्र एसडब्ल्यूजी 3 शहर की कुछ सबसे बड़ी डांस पार्टियों की मेजबानी करती हैं। एसडब्ल्यूजी 3 के प्रबंध निदेशक एंड्रयू फेलमिंग ब्राउन का कहना है कि कोरोना महामारी के दूसरे फेस में ओमिक्रॉन वेरिएंट के आने से पहले 2021 की गर्मियों और सर्दियों में क्लब के टिकट्स की जबरदस्त बिक्री हुई है।

Leave a comment