Horoscope 2023 : जानिए किस राशि के लिए कैसा रहेगा आने वाला साल, पढ़िए पूरी डिटेल

Horoscope 2023 : जानिए किस राशि के लिए कैसा रहेगा आने वाला साल, पढ़िए पूरी डिटेल

नई दिल्ली: कुछ ही घंटों में लोग नए साल का स्वागत करने वाले हैं। इसके साथ ही ज्योतिष विद्या में यकीन रखने वाले लोगों की आगामी साल को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है। आने वाला साल कैसा रहेगा? क्या उसमें नया होगा या क्या कुछ परिवर्तन होंगे? ये जानने की इच्छा सभी के मन में रहती है। किस राशि के लिए अगला साल कैसा होगा चलिए जानते हैं।
 
मेष: मेष राशि के जातकों के लिए मंगल उनके स्वामी होते हैं, साथ ही गुरु और शनि योगकारक ग्रह माने गए हैं। साल की शुरुआत में शनि 17 जनवरी को कुंभ राशि में आकर अपने लाभ स्थान से गोचर करेंगे। मेष राशि के जातकों के लिए यह साल काफी अच्छा रहने वाला है। ग्रहों की चाल इस बात का संकेत कर रहे हैं कि आपको अच्छे अवसर मिलने वाले हैं और अगर आप उन अवसर का फायदा उठाते हैं तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। 
 
वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2023 कई मायनों में खास रहने वाला है। दरअसल इस वर्ष आप शनि और गुरु के विशेष प्रभाव में रहने वाले है। 30 अक्टूबर को राहु केतु का राशि परिवर्तन भी काफी महत्वपूर्ण होगा। वृषभ राशि वाले जातकों को ये साल दार्शनिक सोच के साथ जीवन का अलग ही नजरिया प्रदान करने वाली है। नए विचारों और  स्थानों की सदैव कद्र वाले लोगों की इस साल कुछ यात्राएं आपके आध्यात्मिक पहलु को उजागर करने वाली होगी। 
 
मिथुन: मिथुन राशि वाले जातकों के लिए ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है। इस साल मिथुन राशि वालों को शनि की ढैया से निजात मिलेगी। पिछले ढाई साल से चले रहे तनाव और चिंता से आपको मुक्ति मिल जायेगी। इस साल के मध्य में देवगुरु बृहस्पति 22 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर आपके लाभ स्थान को प्रभावित करते हुए लाभ के मौके बढ़ा देंगे। इसके अलावा मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र का गोचर भी समय-समय पर मेहरबान रहेगा।
 
कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए कई ये साल कई परिवर्तन लेकर आ रहा है। इस साल की शुरुआत में ही शनि आपके सातवें भाव से निकलकर अष्टम भाव में गोचर करेंगे जिसे शनि की ढैया कहा जाता है। शनि के प्रभाव से आपको मानसिक तनाव और करियर में दिक्क्त आ सकती है। धन से जुड़े मामलों में भी आपको सावधान रहना होगा और वहीं शिक्षा से जुड़े मामलों में भी शनि कठिनाई देगा। 
 
सिंह: सिंह राशि के जातकों के लिए साल की शुरुआत में शनि देव सप्तम भाव में कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस समय आपको शनि से जुड़े अच्छे फल प्राप्त होंगे और काफी समय से चली आ रही योजनाएं पूरी हो जायेगी। अप्रैल मध्य तक गुरु का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है जिससे आपको धन से जुड़ी मामलों में कठिनाई आ सकती है। साल का एक और बड़ा गोचर अक्टूबर के अंतिम दिनों में होगा जब राहु और केतु 30 अक्टूबर को क्रमशः मीन और कन्या में प्रवेश कर जाएंगे। 
 
कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए शनि कुंभ राशि में गोचर कर आपके छठे भाव को प्रभावित करने वाले होंगे। शनि की कृपा से आपको नौकरी में बेहतर मौके मिलेंगे और आपको उन्नति प्राप्त होगी। अप्रैल अंत तक गुरु का गोचर सप्तम भाव से होगा जो की पारिवारिक और वैवाहिक जीवन के लिए अनुकुल रहेगा लेकिन 22 अप्रैल के बाद गुरु मेष राशि में प्रवेश कर राहु के साथ गुरु चांडाल दोष का निर्माण करेंगे। मेष राशि में राहु गुरु की यह युति आपके अष्टम भाव में होगी और आप इस समय चिड़चिड़े हो सकते हैं। 
 
तुला: इस राशि के जातक इस साल में तनाव मुक्त हो सकते हैं। तुला राशि के जातकों के लिए योगकारक शनिदेव साल की शुरुआत में ही पंचम भाव में प्रवेश कर जाएंगे जिससे की इस राशि के जातक शनि की ढैया से मुक्त हो जाएंगे। इस समय शनि के इस गोचर से बड़े बदलाव जीवन में देखने को मिलने वाले है। बीमारी,नौकरी में बदलाव और उन्नति नहीं मिलना जैसी चीजों से मन थोड़ा खिन्न रहेगा लेकिन 22अप्रैल को गुरु सप्तम में जाकर लग्न पर दृष्टिपात करेंगे जो की आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। 
 
वृश्चिक: इस राशि के जातकों को थोड़ा मानसिक तनाव झेलना पड़ सकता है, क्योंकि साल के शुरू में ही शनि कुंभ में गोचर कर चौथे भाव को प्रभावित करेंगे। शनि के इस संचरण को ढैया के नाम से जाना जाता है। शनि के इस गोचर के कारण आपको कार्यस्थल पर मेहनत अधिक करनी होगी वहीं कार्यो में देरी देखने को मिल सकती है। गुरु अप्रैल अंत तक आपके पंचम भाव को प्रभावित कर संतान और धन के पक्ष को मजबूत बनाये रखने वाले है लेकिन 22 अप्रैल से लेकर 30 अक्टूबर तक राहु के साथ गुरु चांडाल युति का निर्माण कर सेहत को प्रभावित करेंगे। 
 
धनु: इस राशि के जातक पिछले साढ़े साल से चल रही शनि की साढ़े साती से अब मुक्त हो जाएंगे। धनु राशि के जातकों के लिए इस वर्ष की शुरुआत में ही शनि देव तीसरे भाव में गोचर कर शुभ फल प्रदान करने वाले है। शनि देव की कृपा से आपका साहस बढ़ा हुआ रहेगा वहीं आपको भाग्य का भी भरपूर साथ मिलने वाला है। राशि स्वामी गुरु मीन राशि में गोचर करेंगे और आपको राजयोग का पूरा लाभ मिलेगा।  
 
मकर: मकर राशि के जातकों के लिए राशि स्वामी शनि 17 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश कर आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे। शनि के इस गोचर के कारण अब आप साढ़ेसाती के अंतिम चरण में प्रवेश करेंगे और जातकों को काम में प्रगति मिलती जायेगी। शनि देव की कृपा से अब आपके रुके हुए काम पूरे होने लग जाएंगे। 22 अप्रैल से 30 अक्टूबर तक गुरु और राहु की मेष राशि में युति से गुरु चांडाल दोष का निर्माण होगा जिससे आपको थोड़ा मानसिक कष्ट भी संभव है। 
 
कुम्भ: इस राशि के जातकों पर शनि का विशेष प्रभाव रहता है। इस साल शनि आपने 12वें भाव से निकलकर लग्न भाव में गोचर करेंगे और आपकी शनि की साढ़ेसाती का मध्य चरण शुरू होगा। शनि के लग्न पर गोचर से आपको अच्छे परिणाम मिलने वाले है। गुरु चांडाल दोष के कारण गुरु के शुभ फलों में थोड़ी कमी आ सकती है। वहीं थोड़ी पारिवारिक कलह, वाणी दोष और दुर्घटना भी हो सकती है। 
 
मीन: आगामी वर्ष में पढ़ाई कर रहे जातकों को बेहद ही सुखद परिणाम प्राप्त होंगे। स्वामी गुरु का गोचर अप्रैल अंत तक लग्न में ही रहने वाला है। गुरु के प्रभाव से दाम्पत्य जीवन में मधुरता होगी वहीं भाग्य में वृद्धि भी होगी। शनि महाराज 17 जनवरी को कुंभ में प्रवेश कर आपके बारहवें भाव को प्रभावित करेंगे जिससे की आपकी साढ़ेसाती की शुरुआत होगी। 

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