NATIONAL POLLUTION CONTROL DAY: 1984 की वो घटना जिसके बाद देश में हुई थी इस दिन की शुरूआत

NATIONAL POLLUTION CONTROL DAY: 1984 की वो घटना जिसके बाद देश में हुई थी इस दिन की शुरूआत

नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बना हुआ है। लाखों सालों से बने ग्लेशियर लगातार पिघल रहे है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण है। देश में हर साल वायु प्रदुषण की वजह से लाखों बीमारियां जन्म लेती है जो हमें शरीर में दिल, दिमाग और फेफड़ो पर गंभीर असर डालती है, इतना ही नहीं कैंसर जैसी बीमारी का भी ये कारण बनती है।

इसी कड़ी में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (National Pollution Control Day 2022) हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है। इसकों मनाने की वजह है 1984 में हुए एक औद्योगिक गैस हादसा। जब 2-3 दिसंबर की रात को भोपाल में एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। हैरानी की बात ये है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमने औद्योगिक हादसे की बरसी को चुना है। लेकिन बढ़ते वायु प्रदूषण का हम सिर्फ जिक्र करते है, ऐसे हादसों से सबक लेने की बात नहीं करते हैं।

त्रासदी से पड़ता प्रभाव

बेशक यह एक बहुत बड़ा औद्योगिक हादसा था, लेकिन जिस तरह का वायु प्रदूषण और उसके भीषण प्रभाव उसने भोपाल के पर्यावरण पर छोड़ा। यह गैस भोपाल के तालाबों के पानी और वहां की हवा में लंबे समय तक मिली रही और आज 38 साल बाद भी इसका असर दिखाई देता है। उस हादसे में बचे लोगों की सेहत पर ऐसे असर हुए और उन्हें कैंसर और अन्य तरह की ऐसी बीमारियां हुईं जिसकी वजह से उनका इलाज मरते दम तक चला और आज बचे लोगों का इलाज आज भी चल रहा है।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य

इस दिन का मनाने का उद्देश्य प्रदूषण को रोकने में मदद करने वाले कानूनों के बारे में लोगों को जागरुक करना, औद्योगिक आपदाओं के प्रबंधन तथा नियंत्रण के प्रति जागरूकता फैलाना और औद्योगिक प्रक्रियाओं व मानवीय लापरवाही से पैदा प्रदूषण को रोकना है। देश के कई हिस्सों में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जो विकराल स्थिति बरकरार है, ऐसे में इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

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