Himachal Pradesh Monsoon: बीते कुछ समय से हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़ की घटना ने लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन आपदाओं की वजह से 85 दिनों के मानसून काल में 354 लोगों की मौत हो चुकी हैं। जबकि राज्य को 3,219 करोड़ रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआहै। 30 जून से 22 सितंबर तक चले मानसून आपदा काल ने राज्य के 12 जिलों में व्यापक तबाही मचाई है।
SEOC के आंकड़ों के अनुसार, आपदा संबंधी घटनाओं में 143 लोगों की जान गई और सड़क दुर्घटनाओं में 211 लोगों की मौत हुई। आपदा संबंधी 143 मौतों में से 54 पेड़ों या खड़ी चट्टानों से गिरने के कारण, 18 भूस्खलन से, 17 डूबने से, 16 सांप के काटने से और 10 बिजली के झटके से हुईं। अन्य 28 मौतें आग, अचानक बाढ़ और अन्य आपदाओं के कारण हुईं।
शिमला में कई ज्यादा मौतें
शिमला में आपदा से संबंधित मौतों की संख्या सबसे अधिक 23 रही, इसके बाद चंबा में 20, कांगड़ा में 19, लाहौल और स्पीति में 18 और मंडी में 16 मौतें दर्ज की गईं।
राज्यों को हुआ करोड़ों का नुकसान
आपदा के कारण राज्य को लगभग 3,219 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। इस दौरान आवासीय संपत्तियों को भी व्यापक क्षति पहुंची, जिसमें 601 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए और 1,416 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। पशुधन का भी भारी नुकसान हुआ, विभिन्न आपदा संबंधी घटनाओं के कारण 1,317 पशु और 572 मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई।
Also read: Himachal News:शादी से लौटते वक्त दर्दनाक हादसा, खाई में गिरी कार; 4 की मौत
राज्य में कई सड़कें अवरुद्ध
बहाली के प्रयासों के बावजूद, 22 सितंबर तक राज्य भर में 47 सड़कें अवरुद्ध रहीं। मंडी में सबसे अधिक 21 सड़कें अवरुद्ध रहीं, इसके बाद कांगड़ा में 10, कुल्लू में सात, सिरमौर और ऊना में तीन-तीन, लाहौल और स्पीति में दो और शिमला में एक सड़क अवरुद्ध रही। राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, चंबा जिले के पांगी उपमंडल में 13 वितरण ट्रांसफार्मर क्षेत्र (डीटीआर) प्रभावित हुए। आपदा के दौरान संपर्क सुनिश्चित करने के लिए SEOC ने आपातकालीन संचार प्रणालियों की परिचालन स्थिति की समीक्षा भी की है।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य स्तरीय आपातकालीन हेल्पलाइन 1070 पूरी तरह से चालू पाई गई और BSNL, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो नेटवर्क के माध्यम से कॉल प्राप्त करने में सक्षम थी। जिला स्तरीय आपातकालीन हेल्पलाइन 1077 भी BSNL, एयरटेल और जियो नेटवर्क के माध्यम से सभी 12 जिलों में चालू पाई गई। हालांकि, लाहौल और स्पीति में 1077 आपातकालीन लाइन पर एयरटेल कनेक्टिविटी बंद बताई गई। SEOC की नवीनतम स्थिति रिपोर्ट में वोडाफोन-आइडिया (Vi) के माध्यम से 1070 और 1077 आपातकालीन नंबरों पर कॉल अनुपलब्ध बताई गई हैं। ये आंकड़े लंबे मानसून के मौसम से हुए नुकसान की भयावहता को दर्शाते हैं, और राज्य प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और राहत कार्यों को जारी रखे हुए है।