
नई दिल्ली: एक व्यक्ति अपने भावनाओं को अलग-अलग तरीके से बाहर निकालता है। फिर चाहे वो रोए या फिर किसी के साथ अपनी बातें शेयर करें।वहीं ये बात तो आपने सुनी होगी कि शरीर मे कोई भी हलचल हो सबसे दिमाग को सिंगनल मिलता हैं उसके बाद दिमाग के सोचने पर शरीर काम करता हैं, लेकिन शरीर में एक और दिमाग हैं जहां से हमें सिंगनल मिलते हैं। तो चलिए आज हम आपको शरीर के दूसरे दिमाग के बारे में बताते हैं।
दरअसल जब कोई व्यक्ति टेंशन में होता हैयाडरे हुए होता हैं तो इससे सबसे पहले आप अपनी आंत में महसूस करते हैं। आंत वो जगह है जहां भावनाएं और यादें बनाई और जमा की जाती हैं। डॉ डिंपल जांगडा ने बताया कि कहने की जरूरत नहीं है, स्वस्थ, सुचारू रूप से काम करने वाली आंत का होना महत्वपूर्ण है।
डॉ डिंपल जांगडा ने बताया कि आंत का स्वास्थ्य सीधे आपके शरीर में विभिन्न अन्य प्रक्रियाओं से जुड़ा होता है। 90 प्रतिशत बीमारियों के लिए एक अस्वास्थ्यकर आंत / कोलन जिम्मेदार है, जिसमें क्लिनिकल डिप्रेशन और कैंसर भी शामिल है। मस्तिष्क में न्यूरॉन्स की तुलना में अधिक न्यूरॉन्स आंत की दीवार को अस्तर करते हैं, इसलिए आंत को दूसरा दिमाग कहा जाता है। आपका अंतर्ज्ञान आंत से आता है।
आंतो का क्या हैं काम
बता दें कि आंतों हमारे पाचनतंत्र को सही रखने में एक बड़ी भूमिका निभाते है। जब हम खाना खाते हैं तो आंत उस खाने से न्यूट्रीएंट्स और वॉटर को ऑब्जर्व करता है और इसे शरीर तक पहुंचाने में मदद करता है। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और बची हुई चीजों छन कर वेस्ट के रूप में शरीर से बाहर चली जाती हैं। इसके अलावा आंत का एक काम और है।
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