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हरियाणा की बेटी प्रियंका चहल बनीं बीएआरसी में वैज्ञानिक अधिकारी, मेहनत से हासिल की बड़ी सफलता

हरियाणा की बेटी प्रियंका चहल बनीं बीएआरसी में वैज्ञानिक अधिकारी, मेहनत से हासिल की बड़ी सफलता

Haryana News: हरियाणा के गांव नरड़ की बेटी प्रियंका चहल ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की है। उनका चयन देश की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में वैज्ञानिक अधिकारी (साइंटिफिक ऑफिसर) के पद पर हुआ है। प्रियंका का चयन बीएआरसी ओसीईएस-2026 के तहत भौतिक विज्ञान विषय में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है।

प्रियंका के पिता हैं एक शिक्षक 

प्रियंका के पिता राजबीर सिंह चहल एक शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि प्रियंका बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में लिटिल फ्लावर विजिटेशन सीनियर सेकेंडरी कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं और वर्ष 2019 में चमन वाटिका रेजिडेंशियल स्कूल फॉर गर्ल्स से बारहवीं (नॉन-मेडिकल) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 2022 में बीएससी और वर्ष 2024 में भौतिक विज्ञान में एमएससी की डिग्री हासिल की।

तीन बार रही असफल 

प्रियंका ने बताया कि एमएससी के बाद उनका सपना सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पास कर पीएचडी करना था। उन्होंने तीन बार कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और गेट फिजिक्स परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2025 में पहली बार परीक्षा देकर उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1270 हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक साल तक लगातार मेहनत की और वर्ष 2026 में गेट फिजिक्स में ऑल इंडिया रैंक 34 प्राप्त की। इसी दौरान उन्होंने बीएआरसी की लिखित परीक्षा भी पास कर ली।

परिवार को दिया सफलता का श्रेय 

प्रियंका का इंटरव्यू 8 जून को मुंबई में हुआ, जो करीब एक घंटा दस मिनट तक चला। इस दौरान वैज्ञानिकों ने उनके विषय ज्ञान, वैज्ञानिक सोच और कठिन परिस्थितियों में समस्याओं को समझने की क्षमता का परीक्षण किया। प्रियंका अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को देती हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें खुद पर भरोसा कम होने लगता था, तब भी उनके माता-पिता हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे।

छात्रों को दी सलाह

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी कि केवल रटने के बजाय विषय की मूल अवधारणाओं को अच्छी तरह समझें। नियमित अभ्यास, सही मार्गदर्शन, वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। प्रियंका की सफलता आज प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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